प्लेटफार्म आठ के फर्श में बने गड्ढे।
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गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर पीठ पर बैग लादे एक यात्री का पैर अचानक प्लेटफार्म के धंसने से बने गड्ढे में पड़ गया, किसी तरह से उसने खुद को संभाला। रुककर देखा तो प्लेटफॉर्म पर लगा मार्बल कई जगह उखड़ा पड़ा था। यह नजारा, मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर आठ पर अमर उजाला संवाददाता ने देखा। प्लेटफॉर्म पर लड़खड़ाना, चोट खाना, यह समस्या सिर्फ उस यात्री की ही नहीं, बल्कि रोजाना बहुत सारे यात्री जगह-जगह धंसे प्लेटफॉर्म के शिकार हो रहे हैं।
अमर उजाला की पड़ताल में प्लेटफॉर्म नंबर आठ पर सिर्फ 50 मीटर की दूरी में ही सात जगह प्लेटफॉर्म धंसा मिला। बीच के फुट ओवरब्रिज से लेकर पश्चिम की ओर के फुट ओवरब्रिज तक तीन जगह प्लेटफॉर्म नंबर सात व चार जगह प्लेटफॉर्म नंबर आठ की जमीन उखड़ी हुई है। वह भी जिधर ट्रेन खड़ी होती उस ओर। एक जगह तो मार्बल के नीचे गड्ढा बन गया था। ट्रेन से आए यात्री सुनील कुमार ने बताया कि जैसे ही प्लेटफॉर्म आठ पर कोच से उतरे, उखड़े मार्बल में फंस गए। लड़खड़ाए, लेकिन बगल में मौजूद यात्री ने पकड़ लिया वरना चोट जरूर लगती। इसी तरह एक दूसरे यात्री राजेश का कहना था कि सामान लेकर जाने के दौरान, अगर ध्यान नहीं दिया तो चोटिल जरूर हो जाएंगे। यह समस्या कई दिनों से है, लेकिन रेल महकमा इससे आंखें मूंदे हुए है। जबकि, हर प्लेटफॉर्म की रोजाना चेकिंग कर रिपोर्ट तैयार की जाती है। स्थानीय स्तर से लेकर मंडल कार्यालय तक अधिकारियों की जानकारी में यह रिपोर्ट रहती है। इसके बाद भी धंसे हुए प्लेटफॉर्म को ठीक नहीं कराया गया।
घटिया निर्माण की खुल रही पोल
प्लेटफॉर्म सात व आठ अगल-बगल एक ही जगह है। दोनों प्लेटफॉर्म का सुंदरीकरण दो वर्ष पहले किया गया है। अब धीरे-धीरे घटिया निर्माण की पोल खुलने लगी है। कुछ दिन पहले ही प्लेटफॉर्म छह पर इसी तरह प्लेटफॉर्म धंस गया था, जिसे अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया तो आनन-फानन में मार्बल की जगह गिट्टी व सीमेंट डालकर फर्श को बराबर किया गया।
एनईआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि यात्रियों की सुविधाओं को लेकर रेल प्रशासन सदैव सजग रहता है। प्लेटफॉर्म पर गड़बड़ी का मामला संज्ञान में आया है। प्लेटफॉर्म पर उखड़े हुए हिस्से को शीघ्र ही ठीक करा लिया जाएगा।