अभियुक्त ने उसी टैंपरिंग व एडिटिंग की हुई डीवीडी के आधार पर जनप्रतिनिधियों की छवि धूमिल करने के लिए फर्जी केस दर्ज कराया गया था। डीवीडी के फर्जी होने की बात पुष्ट होने पर कोर्ट ने परवेज को सात साल और पांच साल की सजा सुनाई।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि पुलिस ऑपरेशन कनविक्शन के तहत इस केस की पैरवी कर रही थी। साक्ष्यों के साथ पुलिस की ओर से अभियोजन अधिकारी ने कोर्ट में पैरवी की। कोर्ट ने परवेज परवाज को सात साल और पांच साल की सजा व जुर्माना लगाया है। पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा।