फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Garlic Prices: बेमौसम बारिश से लहसुन आपे से बाहर, गोरखपुर में दाम 400 के पार

Thu, 08 Feb 2024 11:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर

सार

रेस्टोरेंट संचालक प्रणव ने बताया कि लहसुन के महंगा होने से सब्जियों पर मिलने वाला मुनाफा नहीं मिल रहा है। क्योंकि, सब्जियों में लहसुन की मात्रा कम होने से सब्जियों का स्वाद बिगड़ जाता है, ऐसे में महंगा होने के बाद भी लहसुन का इस्तेमाल सब्जियों में उतना ही किया जा रहा है, जितना पहले किया जाता था।
विज्ञापन
महेवा मंडी स्थित लहसुन की दुकान। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नॉनवेज के शौकीनों को लहसुन का भाव परेशान कर रहा है। बाजार में लहसुन के दाम रिकाॅर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। बेमैसम बारिश के चलते खुदरा बाजार में लहसुन की कीमत 400 रुपये किलो को पार कर गई है। लहसुन के महंगा होने से सब्जियों का स्वाद भी बिगड़ गया है। लहसुन के थोक व्यापारियों के अनुसार, अगले सप्ताह से नई फसल आनी शुरू हो जाएगी, जिसके बाद लहसुन के भाव में गिरावट आनी शुरू हो जाएगी।

विज्ञापन


दरअसल, बिना मौसम बारिश के कारण लहसुन की फसल खराब हो गई थी। ऐसे में जब लगन का सीजन शुरू हुआ तो लहसुन की मांग अचानक बढ़ गई। इससे लहसुन के सबसे अधिक उत्पादन करने वाले राज्य मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी लहसुन महंगा हो गया। मांग की तुलना में आवक नहीं होने से लहसुन के दाम स्थानीय मंडी में आसमान पर पहुंच गए हैं।

जुलाई 2023 से ही लहसुन महंगा बिकना शुरू हुआ था। वर्तमान में खुदरा बाजार में 400 से 500 रुपये किलो तक बिक रहा है। महेवा मंडी में इसकी आवक आधी से भी कम हो गई है। इस समय हर दिन दो से तीन गाड़ी लहसुन आ रहा है। जबकि पहले आठ से 10 गाड़ी लहसुन लेकर प्रतिदिन मंडी में पहुंचती थी।
विज्ञापन


लहसुन के थोक व्यापारी मुन्ना ने बताया कि मध्य प्रदेश में ही लहसुन 240 से 260 रुपये किलो है। वहीं स्थानीय मंडी में लहसुन 240 से 300 रुपये किलो बिक रहा है। खुदरा बाजार में लहसुन की कीमत 400 रुपये किलो को पार कर चुकी है। उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह से मंडी में लहसुन की नई फसल की आवक शुरू हो जाएगी। जिसके बाद लहसुन के दाम तेजी से कम हो जाएंगे।

पिछले वर्ष 20 रुपये किलो बिका था लहसुन
लहसुन व्यापारी आकाश गुप्ता ने बताया कि पिछले वर्ष लहसुन का उत्पादन अधिक होने से थोक में लहसुन 15 रुपये किलो तक बिका था, वहीं खुदरा में भी लहसुन 20 रुपये किलो तक बिका था, लेकिन इस साल असमय बारिश ने लहसुन की फसल को नुकसान पहुंचाया है। इससे इस लहसुन की पैदावार कम हुई और इसके दाम आसमान पर पहुंच गए।

 
विज्ञापन

सब्जी सस्ती होने के बाद भी नहीं हो रहा है मुनाफा
रेस्टोरेंट संचालक प्रणव ने बताया कि लहसुन के महंगा होने से सब्जियों पर मिलने वाला मुनाफा नहीं मिल रहा है। क्योंकि, सब्जियों में लहसुन की मात्रा कम होने से सब्जियों का स्वाद बिगड़ जाता है, ऐसे में महंगा होने के बाद भी लहसुन का इस्तेमाल सब्जियों में उतना ही किया जा रहा है, जितना पहले किया जाता था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें