देवरिया जिले में कोरोना वायरस का खतरनाक डेल्टा प्लस वैरिएंट मिलने के बाद निबही गांव में दहशत का माहौल है। शुक्रवार को स्वास्थ विभाग की टीम ने आरटीपीसीआर जांच के लिए गांव वालों का नमूना लिया। इस दौरान सिर्फ 30 लोगों ने कोरोना टेस्ट के लिए नमूना दिया। गांव वाले नमूना देने से कतरा रहे हैं।
वैक्सीन के अभाव में लोगों को कोरोनारोधी टीकाकरण शुरू नहीं हो पाया है। कोरोना संक्रमण से 40 दिन पहले मृत एक शख्स के डेल्टा प्लस वैरिएंट से संक्रमित होने की आठ तारीख को पुष्टि हुई थी। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान 29 मई को उसकी मौत हुई थी।
मृतक के जीनोम सिक्वेंसिंग टेस्ट रिपोर्ट 40 दिन बाद आई। रिपोर्ट में उसके डेल्टा प्लस वैरिएंट से संक्रमित होने की पुष्टि के बाद स्वास्थ महकमें में हलचल मच गई। सीएमओ के साथ जिले की टीम ने गांव का दौरा कर सीएचसी की टीम को जांच और बचाव कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया।
शुक्रवार को गांव में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्राइमरी स्कूल पर कैंप डालकर गांव के लोगों का आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए नमूना लिया। सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे तक सिर्फ 30 लोगों ने कोरोना की जांच के लिए नमूना दिया।
गांव में मुनादी कराने के बाद भी लोग कोरोना जांच के लिए नमूना देने नहीं आए। गांव वाले कोरोना टेस्ट कराने से कतरा रहे हैं। हेल्थ वर्कर चंदन मुधकर, मनीष शाही, आरपी मिश्रा, बीके त्रिपाठी ने कहा कि आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए पूरे गांव का नमूना लिया जाएगा। शनिवार से वैक्सीनेशन होगा।