रुस्तमपुर निवासी गायत्री देवी ने बीते 25 सितंबर को ऑनलाइन मोबाइल फोन मंगाया। मोबाइल फोन देने आया कोरियर एजेंट अभी रुपये ले रहा था कि गायत्री देवी के मोबाइल फोन पर कॉल आ गया। फोन करने वाले ने मोबाइल फोन खरीदने का जिक्र करते हुए कंपनी के लकी ड्रा में कार जीतने की बात कही। जब उसने खाते में 4200 रुपये भेजने की बात कही तो शक हो गया। कोरियर वाले से पूछा तो उसने ही समझाया कि फर्जी कॉल होगी। फिर दोबारा फोन आने पर उन्होंने ऑफर का लाभ न लेने की बात कहकर पीछा छुड़ाया।
केस दो
तारामंडल निवासी आशुतोष ने 22 सितंबर को ऑनलाइन सोफा कवर और चादर मंगाया। आठ सौ रुपये का सामान मंगाने के कुछ देर बाद ही उनके पास एक करोड़ रुपये लकी ड्रा में जीतने का ऑफर आ गया। जालसाज ने बताया कि कंपनी जीती गई रकम का चेक उनके घर भेजेगी, लेकिन टैक्स और कुछ अन्य कागजात पूरे करने में पांच हजार रुपये का खर्च आएगा। इस रुपये को खाते में भेजना होगा। या फिर अपने खाते का नंबर देकर रकम भेज दें, फिर पांच हजार रुपये काट लिए जाएंगे। आठ सौ रुपये के सामान मंगाने की एवज में एक करोड़ रुपये की लकी ड्रा जीतने की बात आशुतोष को समझ से परे लगी। फिर उन्होंने फोन काट दिया।
जालसाजी का शिकार होने पर चार घंटे के भीतर दें सूचना
ऑनलाइन जालसाजी के मामलों में पीड़ित को साइबर थाने या फिर नजदीकी थाने में चार घंटे के अंदर पूरे दस्तावेज के साथ शिकायत करना चाहिए। ऐसा करने पर जालसाजी के शिकार हुए शख्स की 80 फीसद रकम ऑनलाइन ही वापस करवाने का प्रयास किया जाता है। यह रकम पीड़ित के खाते में चार से पांच दिन में वापस हो जाती है।
साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, चार घंटे के अंदर शिकायत मिलने पर टीम पीड़ित के खाते से निकली रकम का ब्योरा एकत्र करती है। इसके बाद संबंधित कंपनियों को तत्काल खरीदे हुए सामान भेजने पर रोक लगाने के लिए एक ई-मेल भेज कर रकम को वापस करने के लिए कहा जाता है। ई-मेल के जवाब में कंपनी के लोग रकम को कुछ दिनों में वापस कर देते हैं। हालांकि साबइर सेल उस रकम को वापस नहीं करवा पाती जो एटीएम से निकाल ली जाती है।
इन दस्तावेजों के साथ करना चाहिए शिकायत
- साबइर सेल प्रभारी के नाम एक प्रार्थना पत्र
- अपडेट बैंक पासबुक की फोटो कॉपी
- पासबुक न होने पर मोबाइल फोन पर खाते से निकली रकम का एसएमएस
यह उपाय कर बच सकते हैं जालसाजी से
- अपने बैंक खाते का ब्योरा किसी के साथ साझा ना करें।
- अपने कंप्यूटर, फोन और टैबलेट को प्रोजेक्ट करने के लिए हमेशा अच्छे एंटी वायरस या एंटी मालवेयर सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें।
- अलग-अलग ऑनलाइन एकाउंट के लिए एक सा पासवर्ड मत रखिए। ई-मेल, बैंक लॉग इन और सोशल मीडिया एकाउंट के लिए अलग-अलग पासवर्ड का इस्तेमाल करें।
- डेट ऑफ बर्थ, एनिवर्सरी डेट या फोन नंबर को पासवर्ड ना बनाएं।
- बैंक से आने वाले हर संदेश को पढ़ें, ताकि जालसाजी हो तो तुरंत जानकारी हो जाए।
- ऑफर देकर अमीर बनाने का वादा करने वाले लिंक से दूरी बनाकर रखें।
- अंजान फोन आने पर झांसे में कभी भी ना आएं, कोई भी कंपनी करोड़ रुपये का लकी ड्रा नहीं देती।