जिन संपत्तियों को कई बार आवेदन निकालने के बाद भी खरीदार नहीं मिलते हैं, उन्हें प्राधिकरण अलोकप्रिय घोषित कर सकता है। जीडीए में हर साल एक अप्रैल से सभी संपत्तियों की कीमत बढ़ाने की व्यवस्था है लेकिन जो संपत्तियां बार-बार आवेदन निकालने के बाद भी नहीं बिकती हैं, उसकी कीमत को फ्रीज कर दिया जाता है। कीमत फ्रीज होने के बाद संपत्तियों के दाम नहीं बढ़ते हैं। इसके बाद भी जब बिक्री नहीं होती तो अलोकप्रिय घोषित किया जाता है।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि एलडीए की ही तरह अब यहां भी ‘पहले आओ, पहले पाओ’ की तर्ज पर अलोकप्रिय संपत्तियों का आवंटन किया जाएगा। जीडीए बोर्ड ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कोई भी इच्छुक व्यक्ति घर बैठे ही ऐसी संपत्तियों का ऑनलाइन आवंटन करा सकेगा, जल्द ही इसके लिए सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया जाएगा।