फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर: अब खलीलाबाद में पकड़ी गई 34 लाख की सुपारी, यहां भेजा जा रहा था माल

Tue, 01 Feb 2022 11:02 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

कानपुर के तिरुपति ट्रेडर्स के नाम से माल भेजा जा रहा था। तीन दिन पहले ही इसी फर्म के नाम से जा रहे माल को पकड़ा गया था।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : iStock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोरखपुर जिले के गुवाहाटी से ट्रक से कानपुर जा रही करीब 34 लाख रुपये की सुपारी सोमवार को संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद कस्बे में फोरलेन के किनारे पकड़ी गई। कानपुर की एक फर्जी कंपनी के नाम से लगातार गुवाहाटी से सुपारी की खेप मंगाई जा रही है। वाणिज्य कर विभाग के गोरखपुर की सचल दल इकाई प्रथम व बस्ती सचल दल ने संयुक्त रूप से ट्रक को पकड़ा।

विज्ञापन


वाणिज्य कर विभाग गोरखपुर की सचल दल इकाई प्रथम के प्रभारी व असिस्टेंट कमिश्नर दिलीप कुमार प्रियदर्शी टीम के साथ फोरलेन पर एक ट्रक की छानबीन में पहुंचे। पता चला कि जिस ट्रक की तलाश में हैं वह खलीलाबाद में खड़ा है। इस पर गोरखपुर के अलावा सचल दल इकाई बस्ती के प्रभारी असिस्टेंट कमिश्नर आशुतोष मिश्र भी टीम के साथ वहां पहुंचे। पकड़े गए ट्रक की जांच की गई तो यह भी कानपुर के उसी तिरुपति ट्रेडर्स के पते पर जा रहा था, जिससे संबंधित एक ट्रक तीन दिन पहले भी बस्ती में पकड़ा गया था।

दस दिन के भीतर पकड़ा गया तीसरा ट्रक

करीब 10 दिन पहले गीडा के कालेसर प्वाइंट पर चेकिंग के दौरान वाणिज्य कर विभाग के सचल दल ने एक ट्रक सुपारी पकड़ी थी। वह माल गुवाहाटी से कानपुर जा रहा था। इसकी सूचना कानपुर के वाणिज्य कर विभाग को भी दी गई। संबंधित फर्म को नोटिस भेजकर अभिलेख तलब किए गए। छानबीन में पता चला कि कानपुर की फर्जी घोषित फर्म तिरुपति ट्रेडर्स के नाम से भी सुपारी की खेप मंगाई जा रही है। उस सूचना के आधार पर बीते शुक्रवार को एक ट्रक को बस्ती जिले में वहां के सचल दल ने पकड़ा था। अब सोमवार को फिर एक ट्रक पकड़ा गया।

एडिशनल कमिश्नर ग्रेड टू एसआईबी राजेश सिंह ने कहा कि कानपुर के तिरुपति ट्रेडर्स के नाम से गुवाहाटी से सुपारी की खेप मंगाई जा रही है। सोमवार को पकड़े गए सामान की कीमत 33,95,700 रुपये है। इससे पहले पकड़े गए माल की कीमत 34,98,000 थी। जिस फर्म के नाम से माल मंगाया जा रहा है वह फर्म ही फर्जी है। ई-बिल की ट्रैकिंग के जरिए माल पकड़ा गया है। इसके वास्तविक मालिक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें