अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में अब 115 मरीज भर्ती होंगे। मरीजों की सुविधाओं के लिए आईपीडी (इन पेशेंट डिपार्टमेंट) में बेड बढ़ा दिए गए हैं। एम्स प्रशासन ने पोस्ट कोविड मरीजों के लिए बने वार्ड में सामान्य मरीजों को भर्ती करने का फैसला लिया है। कोविड वार्ड में भी अब सामान्य मरीज भर्ती होंगे। इस पहल के बाद 19 बेड की जगह अब 115 मरीज एम्स में भर्ती हो सकेंगे। इसकी मंजूरी एम्स निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने दे दी हैं।
अब तक एम्स के आयुष विंग में ही मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाता था। इसी विंग में एक मॉड्यूलर ओटी है। यहां पर जनरल सर्जरी, ईएनटी, नेत्र रोग और आर्थोपेडिक के मरीज भर्ती होते थे। यहां कुल 19 बेड बनाए गए थे। इसमें आईसीयू के 10 और हाई डिपेंडेंसी यूनिट के नौ बेड शामिल थे। एम्स प्रशासन ने इसकी संख्या बढ़ाकर अब 21 बेड करने का फैसला किया। इसके अलावा कोविड वार्ड के 34 बेड का इस्तेमाल भी अब सामान्य मरीजों के लिए किया जाएगा। क्योंकि जिले में संक्रमण लगभग खत्म हो चुका है। साथ ही पोस्ट कोविड वार्ड में भी मरीजों को भर्ती करने का फैसला लिया गया है।
यहां पर कुल बेडों की संख्या 60 है। एम्स प्रशासन के मुताबिक पोस्ट कोविड वार्ड में अब मरीज नहीं आ रहे हैं। ऐसे में इस वार्ड का इस्तेमाल सामान्य मरीजों के लिए किया जाएगा। यही वजह है कि मरीजों की सुविधा को देखते हुए एम्स प्रशासन ने इसे नॉन-सर्जिकल वार्ड में तब्दील करने का फैसला लिया है। इन 60 बेडों पर मेडिसिन, स्किन, गायनी और पीडिया के मरीज भर्ती होंगे। इस पहल के बाद से मरीजों को आईपीडी के लिए कही और जाने की जरूरत नहीं होगी।
एम्स के मीडिया प्रभारी डॉ. शशांक शेखर ने कहा कि एम्स ने मरीजों की सुविधाओं को देखते हुए बेड बढ़ा दिए हैं। इससे मरीजों को इलाज में काफी सहूलियत होगी। एम्स में कई धीरे-धीरे कई योजनाओं का विस्तार किया जा रहा है। जल्द ही कुछ नई सुविधाएं भी मरीजों को मिलने लगेंगी।