गोरखपुर जिले के गुलरिहा इलाके के हरसेवकपुर नंबर दो शिवमंदिर टोला में मंगलवार शाम नवजात बच्ची का शव मिला। जानकारी होने पर आसपास के लोग जुट गए। पुलिस ने मौत की वजह जानने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
जानकारी के मुताबिक, सड़क किनारे शव फेंका मिला। उसे एक प्लास्टिक में लपेटा गया था। उसी रास्ते जाते समय हरसेवकपुर नंबर दो निवासी संजय कुमार गुप्ता की नजर प्लास्टिक पर पड़ी। नजदीक जाकर देखे तो नवजात का शव था। उनकी सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस का कहना है कि जांच कराई जाएगी कि किसने और किस हाल में शव को फेंका था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत के कारणों का पता चलेगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इन धाराओं में केस दर्ज कर होनी चाहिए कार्रवाई
- धारा 315 आईपीसी : शिशु को जीवित पैदा होने से रोकने या जन्म के पश्चात मृत्यु कारित करने के आशय से किया गया कार्य।
- सजा : दस वर्ष तक कारावास और आर्थिक दंड
- धारा 317 आईपीसी : माता-पिता या नवजात की देखरेख करने वाले व्यक्ति द्वारा 12 वर्ष से कम आयु के बच्चे का परित्याग करना अपराध है।
- सजा : सात साल की कैद या फिर जुर्माना या फिर दोनों
- धारा 318 आईपीसी : नवजात को गोपनीय तरीके से जीवित अथवा मृत फेंकना अपराध है।
- सजा : दो साल की कैद या जुर्माना या फिर दोनों।