'दो विशाल हैं, या दोनों एक ही हैं ', गोरखनाथ पुलिस फिलहाल यही पहेली सुलझाने में लगी हुई है। पुलिस को यकीन है कि इस पहेली का जवाब ही रिटायर्ड कृषि इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह के घर की पानी की टंकी में 25 वर्षीय युवक की लाश मिलने की घटना से पर्दा उठाने में 'पासवर्ड' साबित होगा। दरअसल, पानी की टंकी से जिस युवक की लाश मिली, उसके दाहिने हाथ पर विशाल नाम गोदा हुआ था और इस घटनास्थल से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित किराये के एक कमरे में रहने वाला 25 साल का युवक विशाल भी कुछ दिनों से लोगों को नजर नहीं आ रहा है।
घटना गोरखनाथ थाना क्षेत्र के हुमायूंपुर हड़वा फाटक के पास की है। संकेत ही कुछ ऐसे मिले हैं कि पुलिस की वक्र दृष्टि मौका-ए-वारदात वाले घर में रह रहे सभी लोगों पर है। वजह, जैसी लाश मिली है, उस कद काठी के किसी युवक को मारकर, बाहर से लाकर, पानी की टंकी में डालना मुमकिन नजर नहीं आ रहा है। यह संभव तभी है, जब युवक स्वेच्छा से वहां आया हो। उसे गला घोंटकर मार दिया गया हो और लाश टंकी में छिपा दी गई हो। मृत युवक के गले में अंगोछा लिपटा भी मिला है, चूंकि शरीर पर कोई घाव नहीं है, लिहाजा अनुमान यही है कि हत्या, गला घोंटकर की गई होगी। हत्या किसने की...? क्यों की...? वारदात में कितने लोग शामिल थे...? बस यही राजफाश करना है। हो भी जाएगा, पुलिस को इत्मीनान है। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा कहते हैं, कुछ ठोस सुराग मिले हैं, कातिल जल्द ही सलाखों के पीछे होगा।
अमर उजाला संवाददाता ने पुलिस के इस भरोसे के पीछे की पड़ताल के लिए वारदात की तफ्तीश से जुड़े एक पुलिस अधिकारी को टटोला। वे कहते हैं कि सब कुछ बहुत फोकस्ड है। मृतक की शिनाख्त करनी है। मौका-ए-वारदात की 'बोली' समझने की जरूरत है। हम मौका-ए-वारदात को कुरेद रहे हैं। घटनास्थल (घर) के पीछे और एक साइड बगल में खाली जमीन है। सामने सड़क है और दूसरी साइड में टीनशेड का मकान है, जिसकी ऊंचाई इतनी नहीं है कि उस रास्ते से छत पर पहुंचा जा सके। घर में सुरेंद्र सिंह (65), पत्नी शमनम (60) बेटा मृत्युंजय सिंह (45), मृत्युंजय की बेटी साक्षी (22) और सुरेंद्र का भतीजा कार्तिकेय (17) रहते हैं।
मृत्युंजय की पत्नी फिलहाल कुछ दिनों से मां की सेवा के लिए मायके में है। हाल-फिलहाल पूरा परिवार कहीं, एक साथ बाहर भी नहीं गया। यानी, मौका-ए-वारदात ने कुछ यूं कहा है कि घरवाले या किसी करीबी की मिलीभगत के बिना पानी की टंकी तक पहुंच पाना काफी मुश्किल है। फिर इसे किसने संभव बनाया, इसकी जानकारी के लिए आसपास के लोगों के अलावा घरवालों से भी पूछताछ की जा रही है। मातहत पुलिस इस मामले में खुलकर कुछ नहीं बोल रही है, लेकिन इतना जरूर इशारा कर रही है कि कई अहम सुराग हाथ लग गए हैं। अधिकारी इन बिंदुओं पर बोलते हुए, सावधान भी करते हैं कि जरूरी नहीं कि हम जैसा सोच रहे हैं, सब कुछ ऐसा ही हो। अपराधों के खुलासे में भौच्चका कर देने वाले कमाल के यू-टर्न भी आते हैं।