गोरखपुर में टीके की कमी के बीच सोमवार को शुरू हुए टीकाकरण अभियान में दोपहर बाद कई बूथों से लोग बिना टीका लगाए ही लौट गए। इसकी वजह से अचानक जिला अस्पताल के बने दोनों बूथों पर भीड़ उमड़ गई। संक्रामक अस्पताल में बने बूथ पर भीड़ अधिक होने की वजह से लोगों के बीच विवाद भी हो गया। इस पर वहां मौजूद पुलिस के जवानों ने मामले को संभाला। विभाग के मुताबिक इसके बाद भी 12811 लोगों ने कोविड का टीका लगवाया है। इसमें 9388 को पहली डोज और 3423 को दूसरी डोज लगाई गई।
जानकारी के मुताबिक विभाग को रविवार को 11300 डोज कोविशील्ड के मिले थे। इसके अलावा करीब 500 से अधिक डोज कोवैक्सीन के विभाग के पास पहले से थे। इसकी वजह से क्लस्टर अभियान को रोक दिया गया था। केवल ब्लॉक मुख्यालय और शहरी क्षेत्रों में गिने-चुने बूथ बनाए गए थे।
इनमें शहरी क्षेत्रों के तारामंडल, मोहद्दीपुर, झरना टोला, अर्बन पीएचसी के कई बूथों पर दोपहर बाद वैक्सीन खत्म हो गए। इसकी वजह से अचानक दो बजे के बाद भी जिला अस्पताल के बूथों पर भीड़ उमड़ पड़ी। जबकि जिला अस्पताल के बूथों पर अन्य दिनों में दो बजे के बाद भीड़ कम हो जाती है। इन बूथों पर भीड़ अधिक होने के कारण लोगों को धूप में परेशान होना पड़ा।
यहां पर लक्ष्य से 200 लक्ष्य के सापेक्ष करीब 300 से अधिक लोगों को टीका लगाया गया है। यही हाल जिला अस्पताल के एमआरआई सेंटर पर बने बूथ का रहा। यहां पर भी जबरदस्त भीड़ चार बजे तक रही। जिल प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ एनके पांडेय ने बताया कि वैक्सीन की कमी के कारण क्लस्टर अभियान नहीं चलाया गया है। इसके बाद भी 12 हजार से अधिक लोगों को कोविड का टीका लगाया गया है। मंगलवार को बूथों पर वैक्सीन के पर्याप्त डोज भेज दिए जाएंगे।
कोवैक्सीन का 2700 डोज, कोविशील्ड के 17600 डोज मिले
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ एनके पांडेय ने बताया कि कोवैक्सीन के 2700 डोज और कोविशील्ड के 17600 डोज विभाग को मिल गए हैं। इसे मंगलवार की सुबह बूथों पर भेज दिया जाएगा। क्लस्टर अभियान के तहत कुछ बूथ बढ़ाए जाएंगे। मंगलवार को भी वैक्सीन मिलने की उम्मीद है।