गोरखपुर मंडल के पांच हजार से अधिक आबादी वाली 317 ग्राम पंचायतों को आदर्श बनाया जाएगा। यहां तेजी से विकास कार्य करने के साथ ही स्वच्छता और कूड़ा निस्तारण की समुचित व्यवस्था की जाएगी ताकि बाकी गांवों के लिए भी नजीर बनें।
गोरखपुर मंडल के सभी जिलों की पांच हजार से अधिक आबादी वाली पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में पंचायतीराज व स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के निदेशक अनुज झा ने यह जानकारी दी। रामगढ़ताल स्थित योगीराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए वहां बड़े पैमाने पर प्लॉस्टिक बैंक की स्थापना की जाएगी।
ई रिक्शा के माध्यम से कूड़ा कलेक्शन किया जाएगा और उसे अलग-अलग कर प्लॉस्टिक को प्लॉस्टिक बैंक में रखा जाएगा और उसका उचित तरीके से निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को भी इस कार्य से जोड़ते हुए उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
काम में लापरवाही पर उन्होंने महराजगंज जिले के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सचेत करते हुए उन्हें जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कई गांवों में कराए जाने वाले कार्यों का प्रस्तुतीकरण भी देखा। कहा कि निर्माण कार्य छह महीने के भीतर पूरे करा लिए जाएं। साथ ही निर्देश दिए कि जिलों में एकीकृत कूड़ा प्रबंधन केंद्र, इंजीनरेटर कंपोस्ट पिट, प्लास्टिक बैंक, शिल्ट चेंबर, फिल्टर चेंबर, भूमिगत नाली का निर्माण करा लिया जाए।
बैठक में महराजगंज के मुख्य विकास अधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल, गोरखपुर के मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार मीणा, उप निदेशक पंचायत एसएन सिंह, डीपीआरओ गोरखपुर हिमांशु शेखर ठाकुर, डीपीआरओ देवरिया अविनाश श्रीवास्तव के साथ ही चारों जिलों की बड़ी पंचायतों के प्रधान, पंचायत सचिव, एडीओ पंचायत आदि उपस्थित रहे।