डीएफओ ने सीएम को बताया कि विनोद वन और उसके आसपास के क्षेत्र में पर्यटकों को नेचर कैंपिंग, बर्ड वॉचिंग, एडवेंचर एक्टिविटी, आरोग्य इको टूरिज्म सेंटर, नेचर ट्रेल एवं हाथी, घोड़ा, ऊंट और खुली जीप से सैर की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। नेचर कैंपिंग के अंतर्गत टायलेट की सुविधा से युक्त स्विस टेंट पर्यटकों को उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कुसम्ही जंगल में इको टूरिज्म का सेंटर बनाए जाने की योजना का पीपीटी प्रजेंटेशन देखा। कहा कि इस तरह की योजनाओं से पर्यटकों का आकर्षित करने में सफलता मिलेगी। वन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी लोगों को रुझान बढ़ेगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले दिनों कैबिनेट में ‘उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म बोर्ड’ के गठन को मंजूरी दे दी है। ऐसे प्रस्तावों पर अब गंभीरता पूर्व विचार किया जाएगा। इससे पहले डीएफओ विकास यादव ने गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी को कुसम्ही जंगल के तिनकोनिया रेंज में प्रस्तावित इको टूरिज्म सेंटर निर्माण का प्रस्ताव दिखाया।
डीएफओ ने सीएम को बताया कि विनोद वन और उसके आसपास के क्षेत्र में पर्यटकों को नेचर कैंपिंग, बर्ड वॉचिंग, एडवेंचर एक्टिविटी, आरोग्य इको टूरिज्म सेंटर, नेचर ट्रेल एवं हाथी, घोड़ा, ऊंट और खुली जीप से सैर की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। नेचर कैंपिंग के अंतर्गत टायलेट की सुविधा से युक्त स्विस टेंट पर्यटकों को उपलब्ध कराया जाएगा। बर्ड वॉचिंग के लिए माता चौरा मंदिर और बुढ़िया माता मंदिर के पास वॉच टॉवर बनाने की योजना है।
विज्ञापन
टिकट शॉप बांस के निर्मित किए जाएंगे। जहां कैमरा, दूरबीन, रेंज फाइंडर और कंपास किराए पर उपलब्ध होंगे। आरोग्य इको टूरिज्म सेंटर में प्रशिक्षित योग शिक्षक कॉटेज में योगाभ्यास कराएंगे। दो रूट पर नेचर ट्रेल की सुविधा मिलेगी। जहां पर्यटक सुरक्षा उपकरणों के साथ साइकिल या पैदल तीन और छह किलोमीटर लंबे रूट पर नेचर ट्रेल कर सकेंगे। इस दौरान मंडलायुक्त रवि कुमार एनजी, डीएम कृष्णा करुणेश, मुख्य विकास अधिकारी संजय मीना समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।