एक क्लास में दो छात्रों के बीच छह फीट की दूरी का पालन कराना होगा। कमरे से बाहर खुले में भी कक्षाएं चलाई जा सकेंगी। बच्चों को अलग-अलग समय में कक्षा में प्रवेश कराया जाएगा।
हर शख्स की होगी थर्मल स्क्रीनिंग
परिसर के अंदर दाखिल होने वाले हर शख्स की थर्मल स्कैनिंग होगी। मास्क लगाना अनिवार्य होगा। हैंड सैनिटाइज कराने के बाद ही विद्यार्थी अपनी कक्षाओं में जा सकेंगे। प्रार्थना, कैंटीन, लाइब्रेरी और सामूहिक गतिविधियों का आयोजन फिलहाल बंद रहेगा। कॉपी, किताब से लेकर लंच की शेयरिंग भी बंद होगी। 50 फीसदी शिक्षक और स्टाफ के साथ बच्चों को ही बुलाया जाएगा।
अधिकारी करेंगे स्कूलों का दौरा
जिला विद्यालय निरीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया ने कहा कि स्कूलों में शासन की ओर से निर्धारित गाइडलाइन का पालन हो रहा है या नहीं, इस पर माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसरों की निगाह रहेगी। जिला विद्यालय निरीक्षक और मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक स्कूलों का औचक निरीक्षण कर बच्चों की सुरक्षा का जायजा लेंगे।
9वीं-12वीं के विद्यार्थियों के लिए 19 अक्तूबर से स्कूल खोले जाने का निर्देश मिला है। शासन द्वारा निर्धारित कोविड गाइडलाइन का शत-प्रतिशत पालन कराया जाएगा। दो शिफ्ट में स्कूल खुलेंगे। विद्यालयों को अपने यहां मेडिकल रूम तैयार करना होगा।
शासन के निर्देशानुसार कराए गए माध्यमिक विद्यालयों के सर्वे में जिले के 75 फीसदी अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने से मना किया है। केवल 25 फीसदी अभिभावक ही बच्चों को स्कूल भेजने को तैयार हैं। इनमें 14 फीसदी ग्रामीण अंचल में रहने वाले हैं। उनकेे बच्चे स्मार्टफोन के अभाव या नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या की वजह से ऑनलाइन क्लास का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। शहरी क्षेत्र के 11 फीसदी अभिभावक ही बच्चों को स्कूल भेजना चाहते हैं।
जिले में नौवीं से 12वीं में 2.5 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत
जिले में माध्यमिक विद्यालयों की संख्या 485 है। इन विद्यालयों में कक्षा नौवीं से 12वीं में 2.5 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। कमोबेश यही स्थिति सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से संचालित स्कूलों में भी है।