फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Corona Alert: गोरखपुर में स्कूल खोलने से पहले पूरी करनी होगी ये शर्त, नहीं तो हो सकती है बड़ी कार्रवाई

Mon, 12 Oct 2020 02:22 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
विज्ञापन
सीबीएसई बोर्ड। - फोटो : PTI
विज्ञापन

कोरोना संक्रमण के कारण बंद चल रहे सीबीएसई, आईसीएसई और यूपी बोर्ड से संचालित स्कूल 19 अक्तूबर से खुलेंगे। राज्य सरकार ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के संबंध में गाइडलाइन जारी कर दी है। शिक्षा विभाग के अधिकारी दौरा करके सुरक्षा नियमों का जायजा भी लेंगे। स्कूलों में मेडिकल रूम बनाने के साथ ही थूकने पर पाबंदी रहेगी।

विज्ञापन


शासन की गाइडलाइन के अनुसार स्कूल प्रबंधन को स्कूल में मेडिकल रूम बनाना होगा, जिसमें प्रशिक्षित मेडिकल स्टॉफ की तैनाती करनी होगी। मेडिकल रूम में दो बेड, ऑक्सीजन सिलिंडर, पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मल स्कैनर रखना होगा। विद्यालय प्रबंधन को स्कूूल के नजदीकी अस्पताल से संपर्क रखना होगा, ताकि जरूरत पड़ने पर बच्चे, शिक्षक या स्टॉफ को तुरंत प्राथमिक उपचार मिल सके। परिसर के अंदर कोरोना से बचाव को लेकर बैनर-पोस्टर लगाने होंगे। कोविड से बचाव के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर की जानकारी बच्चों को भी देनी होगी।

दो पालियों में स्कूूल का संचालन होगा। पहली पाली में नौवीं और दसवीं तो दूसरी पाली में कक्षा 11 और 12वीं के विद्यार्थी तीन-तीन घंटे के लिए बुलाए जाएंगे। दो पालियों के बीच एक घंटे का अंतराल रखा जाएगा, ताकि इस दौरान क्लास रूम और परिसर को सैनिटाइज कराया जा सके। बिना अभिभावकों की सहमति के बच्चों को स्कूल नहीं बुलाया जाएगा। ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन पूर्व की तरह जारी रहेगा।
विज्ञापन


 

खुले में भी चला सकेंगे क्लास

एक क्लास में दो छात्रों के बीच छह फीट की दूरी का पालन कराना होगा। कमरे से बाहर खुले में भी कक्षाएं चलाई जा सकेंगी। बच्चों को अलग-अलग समय में कक्षा में प्रवेश कराया जाएगा।

हर शख्स की होगी थर्मल स्क्रीनिंग
परिसर के अंदर दाखिल होने वाले हर शख्स की थर्मल स्कैनिंग होगी। मास्क लगाना अनिवार्य होगा। हैंड सैनिटाइज कराने के बाद ही विद्यार्थी अपनी कक्षाओं में जा सकेंगे। प्रार्थना, कैंटीन, लाइब्रेरी और सामूहिक गतिविधियों का आयोजन फिलहाल बंद रहेगा। कॉपी, किताब से लेकर लंच की शेयरिंग भी बंद होगी। 50 फीसदी शिक्षक और स्टाफ के साथ बच्चों को ही बुलाया जाएगा।

अधिकारी करेंगे स्कूलों का दौरा
जिला विद्यालय निरीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया ने कहा कि  स्कूलों में शासन की ओर से निर्धारित गाइडलाइन का पालन हो रहा है या नहीं, इस पर माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसरों की निगाह रहेगी। जिला विद्यालय निरीक्षक और मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक स्कूलों का औचक निरीक्षण कर बच्चों की सुरक्षा का जायजा लेंगे।

9वीं-12वीं के विद्यार्थियों के लिए 19 अक्तूबर से स्कूल खोले जाने का निर्देश मिला है। शासन द्वारा निर्धारित कोविड गाइडलाइन का शत-प्रतिशत पालन कराया जाएगा। दो शिफ्ट में स्कूल खुलेंगे। विद्यालयों को अपने यहां मेडिकल रूम तैयार करना होगा।

 
विज्ञापन

75 फीसदी अभिभावक नहीं भेजना चाहते स्कूल

शासन के निर्देशानुसार कराए गए माध्यमिक विद्यालयों के सर्वे में जिले के 75 फीसदी अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने से मना किया है। केवल 25 फीसदी अभिभावक ही बच्चों को स्कूल भेजने को तैयार हैं। इनमें 14 फीसदी ग्रामीण अंचल में रहने वाले हैं। उनकेे बच्चे स्मार्टफोन के अभाव या नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या की वजह से ऑनलाइन क्लास का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। शहरी क्षेत्र के 11 फीसदी अभिभावक ही बच्चों को स्कूल भेजना चाहते हैं।

जिले में नौवीं से 12वीं में 2.5 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत
जिले में माध्यमिक विद्यालयों की संख्या 485 है। इन विद्यालयों में कक्षा नौवीं से 12वीं में 2.5 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। कमोबेश यही स्थिति सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से संचालित स्कूलों में भी है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें