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UP: चरित्र के शक में पति ने 58 साल की पत्नी को गड़ासे से काटा, बोला- उसका किसी से हंसकर बात करना पसंद नहीं था

Sun, 26 Nov 2023 12:40 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

पत्नी की हत्या का आरोपी सत्य नारायण मुंबई तो कभी दिल्ली में रहकर पेंट पालिश का काम करता है। दिवाली की छुट्टी में वह घर आया। दिवाली के दिन भी उसका पत्नी से विवाद हो गया था। घरवालों की माने तो पत्नी सुशीला का किसी से हंसकर बात करना भी सत्य नारायण को पसंद नहीं था और शुरू से ही दोनों में झगड़ा होता था। बुढ़ापे में आकर यह विवाद इतना गहरा गया कि पत्नी को मौत के घाट ही उतार दिया।
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मौके पर जांच करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोरखपुर के मानबेला में एक बुजुर्ग ने पीने के लिए पानी नहीं देने पर पत्नी को गड़ासे से काटकर मार डाला। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है। हत्या में इस्तेमाल गड़ासा बरामद किया है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे पत्नी के चरित्र पर संदेह था, इसलिए हत्या कर दी। पुलिस को चरित्र पर संदेह होने की बात पर यकीन नहीं है। वह आरोपी से पूछताछ कर रही है।
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मानबेला में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवंटित आवास नंबर 111 में सत्यनारायण (63) पत्नी सुशीला (58) और बच्चों के साथ रहता है। वह मुंबई में पेंट पालिश का काम करता है। आरोप है कि जबसे वह आया है पत्नी के चरित्र पर शक करने लगा था। पत्नी अगर किसी से हंस कर बात करती तो वह उसे गलत समझ लेता। इसे लेकर पति-पत्नी में विवाद होने लगा था।

परिवार वालों ने पुलिस को बताया कि शनिवार को पत्नी मोबाइल फोन पर किसी से बात कर रही थी। इसी दौरान सत्यनारायण ने पीने के लिए पानी मांगा तो उसने ध्यान नहीं दिया। नाराज होकर सत्यनारायण ने गड़ासा से हमला कर दिया। 
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कई जगह वार करने के बाद गले पर वार काट दिया। गहरा घाव होने से पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। शोर सुनकर घर में मौजूद बहू ने पति राजेंद्र को फोन कर जानकारी दी। घरवाले सुशीला को लेकर मेडिकल कॉलेज गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

एक गिलास पानी नहीं देने पर पति ने पत्नी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है। उसने चरित्र पर संदेह होने की बात कही है। लग रहा है कि वह सिरफिरा है। -मनोज अवस्थी, एसपी नार्थ

दिवाली की छुट्टी पर घर आया था सत्यनारायण
पत्नी की हत्या का आरोपी सत्य नारायण मुंबई तो कभी दिल्ली में रहकर पेंट पालिश का काम करता है। दिवाली की छुट्टी में वह घर आया। दिवाली के दिन भी उसका पत्नी से विवाद हो गया था।
घरवालों की माने तो पत्नी सुशीला का किसी से हंसकर बात करना भी सत्य नारायण को पसंद नहीं था और शुरू से ही दोनों में झगड़ा होता था। बुढ़ापे में आकर यह विवाद इतना गहरा गया कि पत्नी को मौत के घाट ही उतार दिया।

जानकारी के मुताबिक, दिवाली के दिन से विवाद के बाद से पति-पत्नी के बीच विवाद कम नहीं हुआ। घर में तीन लड़के और बहू भी हैं। बहू और बेटों ने भी समझाने की कोशिश की, लेकिन शनिवार को पानी न देने के मामूली विवाद में सत्य नारायण को इतना गुस्सा आया कि पत्नी को मार ही डाला।

 

पुलिस की माने तो यह सिर्फ एक बहाना था, असल वजह उसके दिमाग में चल रहा पुराना विवाद ही था, जिस वजह से उसने आत्मघाती कदम उठाया। उसने पत्नी के शरीर पर कई वार किए हैं। गले पर वार से मौत हुई। इसके अलावा शरीर पर चोट के निशान सत्य नारायण के गुस्से को बयां कर रहे हैं।

पहले भी हुई हैं इस तरह की घटनाएं
06 नवंबर 2023 : रामगढ़ताल इलाके में नगर निगम के कर्मचारी उमेश साहनी ने पत्नी पूनम देवी (40) की हत्या कर दी थी। तलाकशुदा पत्नी पूनम के बचाव में आईं दो बेटियों पर भी उसने हमला किया था जिससे वह भी गंभीर रूप से घायल हो गईं थीं।
 

एक अप्रैल 2023 : गोरखनाथ थाना क्षेत्र के रामजानकी नगर निवासी धर्मवीर चौहान ने विवाद के दौरान पत्नी के सिर पर हथौड़े से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला की बीआरडी में मौत हो गई थी।

05 फरवरी 2023 : गोला थाना क्षेत्र के देवकली गांव के रहने वाले 42 वर्षीय इंद्र बहादुर मौर्य, पत्नी 38 वर्षीय सुशीला देवी, बेटी चांदनी 10 वर्ष और बेटा आर्यन 8 वर्ष की जली हुई लाश कमरे से बरामद हुई थी। जांच में पता चला कि नशे की आदत की वजह से इंद्र बहादुर का पत्नी सुशीला देवी से विवाद होता था। जुआ की आदत में कर्जदार हो गया था। उसने पत्नी और बच्चों की हत्या कर दी और फिर खुद को आग लगा लिया था।

नवंबर 2016 : गोला के हरपुर गांव निवासी 35 साल के वीरेंद्र सिंह उर्फ मंटू ने चाकू से गला रेतकर पत्नी प्रमिला की हत्या कर दी थी। घटना के बाद उसने खुद को भी चाकू मार लिया था।
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परिवर्तित हो रहे सामाजिक संबंधों ने सामुदायिक सपोर्ट सिस्टम को क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे समाज में मानसिक और आर्थिक असुरक्षा की भावना बढ़ी है। जब समाज से अलगाव हो जाता है तो आदमी अक्सर आत्मघाती कदम उठा लेता है। कई बार वह जान लेने तक की सोच लेता है। अलगाव मानसिक परिस्थितियों से पैदा होता है। इस तरह की घटनाओं के लिए सामुदायिक स्तर पर हस्तक्षेप करने और सरकारी माध्यमों द्वारा काउंसिलिंग उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाना चाहिए। - दीपेंद्र मोहन सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर, समाजशास्त्र, गोरखपुर विश्वविद्यालय
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