उपेंद्र यादव ने कहा कि हम लोग तन मन धन से समाज सेवा करते हैं, रक्तदान करते हैं, ताकि किसी जरूरतमंद की जान बच सके, लेकिन आज ऐसी घटना घटी है, जिससे मन को बहुत ठेस पहुंचा है। हमारे मित्र संजीव चौहान मेरे कहने पर सोमवार को पहली बार उसी ब्लड बैंक में रक्तदान किए और भाई को खून की जरूरत पड़ी तो वहीं गिड़गिड़ाते रहे और उनकी किसी ने नहीं सुनी।
ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अकील अहमद कहा कि हमारी ड्यूटी आरटीपीसीआर सेंटर स्टाल कराने में थी। हमें इस जीओ के बारे में जानकारी नहीं है। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. एएम वर्मा ने कहा कि मैं इंटरव्यू में व्यस्त था। ब्लड बैंक लोगों की जान बचाने के लिए है। किसी की जिंदगी बचाने के लिए ब्लड दिया जाता है। उसके बदले ब्लड डोनेट कराया जाता है। ऐसा नहीं है तो कुछ शुल्क जमा करने पर ब्लड मिलता है। इस मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीएम आशुतोष निरंजन ने कहा कि ब्लड की जरूरत पड़ने पर ब्लड बैंक से खून न मिले और उसके अभाव में किसी की जान चली जाए, यह बहुत गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी।