गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के 300 बेड कोरोना अस्पताल में बेड नहीं मिलने के कारण 26 वर्षीय कोरोना पीड़ित युवक की मौत हो गई। युवक की मौत से गुस्साए परिजनों ने हंगामा कर दिया और हेल्प डेस्क का शीशा तोड़ दिया। गुलरिहा पुलिस ने तोड़फोड़ के आरोप में तीन युवकों को हिरासत में लिया है।
देवरिया के लार निवासी संजय तिवारी के बेटे चंदननाथ तिवारी (26) की कोरोना संक्रमण के कारण हालत गंभीर थी। देवरिया से रेफर किए जाने पर परिजन चंदननाथ को बीआरडी मेडिकल कॉलेज स्थित 300 बेड कोरोना अस्पताल में भर्ती कराने लाए थे। शाम करीब सात बजे मरीज को लेकर पहुंचे परिजनों को हेल्प डेस्क पर मौजूद कर्मचारी ने बताया कि अस्पताल में कोई बेड खाली नहीं है।
परिजन मरीज को भर्ती करने की मनुहार करने लगे तो कर्मचारी ने बेड खाली होने पर भर्ती करने का आश्वासन देते हुए इंतजार करने को कहा। रात साढ़े आठ बजे के करीब चंदननाथ की सांसें उखड़ने लगीं और थोड़ी देर में मौत हो गई। दुखी परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। कुछ युवकों ने हेल्प डेस्क का शीशा तोड़ दिया।
हेल्प डेस्क पर मौजूद कर्मचारी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने तोड़फोड़ करने के आरोप में तीन युवकों को हिरासत में लिया और गुलरिहा थाने ले गई। गुलरिहा थाना इंचार्ज ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है, जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई। जब उनका पक्ष मिलेगा तो उसे प्रकाशित किया जाएगा।