कुशीनगर जिले में एक ही दिन में 20 व्यक्तियों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने और जांच में सत्रह के नाम-पते व संपर्क नंबर गलत पाए जाने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। इस मामले में चार संविदाकर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई है, जबकि चार एलटी और एलए को निलंबित कर दिया गया है। इन सभी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। इसके अलावा मामले से जुड़े अफसरों के खिलाफ भी शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।
शनिवार की देर शाम जनपद में एक साथ 20 लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद हड़कंप मच गया था। रिपोर्ट में दर्शाए गए 14 व्यक्ति रामकोला क्षेत्र से थे, जबकि हाटा क्षेत्र से तीन और पडरौना से दो व्यक्तियों का नाम शामिल था। एक अन्य व्यक्ति गैरजनपद का निवासी बताया गया।
इसकी रिपोर्ट आने के बाद जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई थी। डीएम के निर्देश पर रविवार को स्वास्थ्य विभाग ने दिए गए मोबाइल नंबरों के आधार पर संक्रमित मरीजों की काफी खोजबीन की गई। सीएमओ की तरफ से बताया गया था कि 17 लोगों से संपर्क ही नहीं हो पाया, जबकि तीन में लक्षण कम थे।
सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने बताया कि अपने दायित्व के प्रति लापरवाह मिले चार संविदाकर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई है, जबकि चार लैब टेक्निशियन और लैब असिस्टेंट को निलंबित कर दिया गया है। इनके खिलाफ संबंधित थाने में मुकदमा भी दर्ज करा दिया गया है। इस प्रकरण से जुड़े अफसरों के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। जैसा निर्देश मिलेगा, उसके अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
डीएम एस. राजलिंगम ने बताया कि कोविड जांच रिपोर्ट गलत तरीके से प्रस्तुत किए जाने के मामले में यह कार्रवाई हुई है। चार संविदाकर्मियों की सेवा समाप्त हुई है तथा चार एलटी व एलए निलंबित कर दिए गए हैं। सीएमओ की तरफ से इनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। इन स्वास्थ्यकर्मियों में जिला अस्पताल के आरटीपीसीआर लैब और आरआरटी (रैपिड रिस्पांस टीम) से जुड़े स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं।