रामलीला कमेटी की तरफ से मुख्यमंत्री आईजीआरएस पोर्टल पर हुई शिकायत की जांच खुफिया एजेंसी ने शुरू कर दी है। सोमवार को एलआईयू की तीन सदस्यीय टीम, कमेटी के संरक्षक पंकज गोयल की दुकान पर पहुंची और रामलीला मैदान के आवंटन और दिए गए टेंडर के संबंध में बयान दर्ज कराया। सभी प्रपत्रों की नकल अपने पास सुरक्षित रखी। वहीं दूसरे पक्ष के दिनेश गुप्ता से भी एलआईयू ने कई बिंदुओं पर जानकारी हासिल की।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार दोपहर में एलआईयू की टीम हिंदी बाजार पहुंची। पंकज गोयल से रामलीला के आवंटन के समय से सभी दस्तावेजों की जांच की। संरक्षक ने जीर्णोद्धार के बाद 9 जुलाई 2019 को हुई जिलाधिकारी की बैठक पत्रांक संख्या 678 दिखाया। इसमें डीएम के साथ पर्यटन विभाग और अपर जिलाधिकारी की टीम मौजूद थी।
इन पत्रों के साथ किन-किन फर्मों ने टेंडर के लिए आवेदन किया था। किन शर्त पर टेंडर को संबंधित को दिया गया। फर्म की तरफ से इन शर्तों की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जा रही है या नहीं, इसकी भी जांच की। इन प्रपत्रों के अलावा रामलीला कमेटी को टेंडर लेकर चलाने वाले पूर्व पार्षद संजय श्रीवास्तव को बुलाकर उनके बयान भी नोट किए गए और रामलीला कमेटी के संचालन का जिम्मा उनके पास कब से आया,यह भी बयान में दर्ज किया।
कमेटी के मंत्री हरिद्वार वर्मा की ओर से की गई शिकायत को लेकर भी लिखित में उसकी नकल सुरक्षित की। इसके अलावा एलआईयू की टीम दिनेश गुप्ता के परिसर के सामने बने मंदिर की भी जांच कर रही है। एलआईयू की टीम इन प्रपत्रों की जांच के अलावा भौतिकी परीक्षण के साथ अपनी रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को सौंपेगी। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।