गोरखपुर विद्युत निगम की तरफ से बिजली चोरी पकड़े जाने के बाद भी अवैध तरीके से कनेक्शन जोड़कर बिजली जलाई जा रही है। एंटी थेफ्ट पुलिस की टीम जब निगम की तरफ से काटे गए 117 कनेक्शनों की जांच करने पहुंची तब इसकी पुष्टि हुई है।
बिजली निगम के अभियंताओं पर अलग अलग फीडर, खंडवार बिजली चोरी रोकने की जिम्मेदारी होती है। समय समय पर इनके द्वारा चेकिंग अभियान चलाकर बिजली काटी जाती है। एंटी थेफ्ट थाने के प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि 117 मामलों में विजिलेंस ने बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज कराया था।
टीम जब उन्हीं कनेक्शनों की जांच करने पहुंची तो सभी की बिजली जल रही थी। उनसे खंड कार्यालय से मिलने वाले एनओसी की मांग की गई तो किसी के पास कागज नहीं थे। वे बिना शुल्क जमा किए चोरी से बिजली जला रहे हैं। संबंधित अभियंताओं को इस संबंध में जानकारी दी गई है।
सहारा इस्टेट में भी गड़बड़ी
सहारा इस्टेट में हजारों उपभोक्ताओं के कनेक्शन हैं। सूत्रों ने बताया कि सोमवार को सहारा इस्टेट में चोरी से बिजली जलाए जाने की सूचना पर निगम के अधिकारी ने जांच की थी। मौके पर बिजली चोरी पकड़ी गई। कनेक्शन को खंभे से काट दिया गया, लेकिन रात होते ही फिर से लाइन जोड़ दी गई।