कुछ देर बाद बारिश थमने पर टीम बुलडोजर लेकर जंगल सिकरी के जमुना टोले में पप्पू राय का पक्का मकान तोड़ने पहुंची। पप्पू राय का दो कमरों का मकान है, जिसमें वह गिट्टी बालू का कारोबार करते हैं। उसका एक हिस्सा पहले ही जीडीए तोड़ चुका है। बचे हुए हिस्से को तोड़ने की बात सुनकर लोग बिफर गए।
वहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुट गए। लोगों ने कहा कि जब तक मकान के मुआवजे को लेकर उचित निर्णय नहीं होता है, बुलडोजर न चलाएं। लोगों ने जीडीए टीम से मकान तोड़ने के संबंध में नोटिस दिखाने को कहा। इससे करीब आधे घंटे तक कार्रवाई रुकी रही।
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अधिकारियों ने लोगों को समझाया कि अभी उन स्थानों को अतिक्रमण मुक्त किया जा रहा है, जहां पर कोई रहता नहीं है। खाली पड़े टीनशेड, झोपड़ी, चहारदीवारी आदि को तोड़ा जाएगा। जिन मकानों में लोग परिवार के साथ रह रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी। बावजूद, इसके लोग नहीं माने और विरोध करने लगे। इसके बाद टीम लौट गई।
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि खोराबार एवं जंगल सिकरी में प्राधिकरण की अधिग्रहित की गई जितनी भी जमीनें हैं, उस पर अतिक्रमण को हटाया जा रहा है। साथ ही प्रभावित परिवारों के संबंध में भी मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है। प्रथम चरण में बाउंड्री वॉल और ऐसे निर्माण, जिनमें कोई कोई रहता है, उसे हटाया जा रहा है। लोगों के सहयोग की अपेक्षा की अपील भी करता हूं। आपसी बातचीत के माध्यम से जल्दी ही योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।