गोली लगने से घायल युवती व उसके पिता।(फाइल फोटो)
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गोरखपुर जिले के गगहा इलाके के जगदीशपुर भलुआन गांव में 20 अगस्त की रात में बदमाशों की गोली से घायल काजल सिंह (17) की बुधवार को लखनऊ के केजीएमयू में मौत हो गई। उसके पेट में गोली फंसी हुई थी और डॉक्टरों ने बचाने की कोशिश की लेकिन गोली नहीं निकल पाई और उसकी मौत हो गई। मौत से गांव में मातम छा गया। उधर, इस मालमे के नामजद आरोपियों को अभी तक पुलिस नहीं दबोच सकी है। इसे लेकर लोगों में आक्रोश भी है।
जानकारी के मुताबिक, काजल के पिता राजू नयन सिंह बांसगांच कचहरी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। उसका विजय प्रजापति से रुपये का लेनदेन का विवाद था। आरोप है कि 20 अगस्त की रात में विजय प्रजापति अपने चार साथियों के साथ आया और दरवाजा खुलवाया।
राजू नयन के बाहर आते ही मनबढ़ उनकी पिटाई शुरू कर दिए। पिता की पिटाई होता देख काजल ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। काजल को वीडियो बनाना देख विजय प्रजापति उग्र हो गया और उसे दौड़ाकर पेट में गोली मार दी थी। गोली की आवाज सुनकर आए लोगों ने पुलिस को घटना की सूचना दी थी।
पुलिस घायल काजल को स्वास्थ्य केंद्र फिर जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज पहुंचाई थी। मेडिकल कॉलेज में उसका अधिक रक्तस्राव होने की वजह से डॉक्टरों ने लखनऊ रेफर कर दिया था। लखनऊ में सोमवार को काजल का ऑपरेशन भी हुआ लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। पेट में फंसी गोली को नहीं निकाला जा सका और बुधवार को काजल की मौत हो गई।
मेधावी छात्रा थी काजल
राजू नयन सिंह की पुत्री काजल आरपीएम स्कूल कौड़ीराम में कक्षा 10 की छात्रा थी। आरपीएम स्कूल कौड़ीराम के प्रधानाचार्य राजीव रंजन सिंह ने बताया कि काजल एक होनहार और प्रतिभाशाली छात्रा थी। खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी उनकी विशेष रुचि रहती थी।