बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन जारी।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों ने गुरुवार को भी कार्य बहिष्कार करते हुए प्राचार्य कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के पांच सदस्य मेडिकल कॉलेज पहुंचे और जूनियर डॉक्टरों का हौसला बढ़ाया। राहत की बात यह रही कि ओपीडी प्रभावित नहीं हुई। सीनियर डॉक्टरों ने मरीजों की जांच की।
पीजी की काउंसिलिंग न होने से नाराज प्रथम वर्ष के जूनियर डॉक्टर कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। सोमवार को शुरू हुआ कार्य बहिष्कार गुरुवार को भी जारी रहा। आंदोलन के समर्थन में आईएमए के डॉ मुकेश शुक्ला, शशिकांत दीक्षित, डॉ नरेंद्र देव, डॉ इमरान अख्तर मौके पर पहुंचे।
आईएमए डॉक्टरों की मौजूदगी से जूनियर डॉक्टर उत्साहित दिखे। डॉक्टरों ने काउंसिलिंग की मांग करते हुए नारेबाजी की। जूनियर रेजीडेंटों का कहना है कि पीजी की परीक्षा जनवरी में होनी थी। वह सितंबर में कराई गई। इसी माह में परिणाम भी आ गया, लेकिन काउंसिलिंग अब तक नहीं हो सकी है। ऐसे में जूनियर डॉक्टर प्रथम वर्ष के सामने संकट खड़ा हो गया है। उन्हें प्रथम व द्वितीय वर्ष जूनियर डाक्टरों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। काम का दबाव बढ़ गया है।
जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि आंदोलन की वजह से मरीजों को कोई परेशानी नहीं हो रही है। ट्रॉमा सेंटर में जूनियर डॉक्टर भी मरीजों के इलाज में जुटे हुए हैं। इस बीच जूनियर डॉक्टरों ने सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए अपना संदेश फेसबुक, इंस्टाग्राम पर वायरल कर रहे हैं।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि जूनियर डॉक्टर आंदोलन कर रहे हैं। इससे मरीजों का कोई नुकसान नहीं हो रहा है। सभी विभागों की ओपीडी चलाई जा रही है। सीनियर डॉक्टर के साथ सीनियर रेजीडेंट मरीजों के इलाज में जुटे हुए हैं।