कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 55 अस्पतालों में 2,832 बेड तैयार किए गए हैं। इन बेडों पर कोरोना मरीजों का इलाज होगा। इसके अलावा सभी डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ का भी अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। कोरोना मरीजों का इलाज करने के लिए 11 सरकारी और 44 निजी हॉस्पिटल को तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
सरकारी अस्पताल में 1485 और निजी हॉस्पिटल में 1347 बेड का उपयोग जरूरत पड़ने पर किया जाएगा। आईसीयू की बात करें तो कुल 1023 आइसीयू बेड तैयार किए गए हैं। इनमें 562 सरकारी और 461 निजी अस्पताल में हैं।
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इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में 923 आइसोलेशन बेड और और निजी अस्पतालों में 886 बेड हैं। बच्चों के लिए 26 बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू और वेंटिलेटर भी तैयार किए गए हैं। वहीं, जिला अस्पताल के पीआईसीयू में 17 बेड के साथ वेंटिलेटर की सुविधा दी जाएगी।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि एहतियात के तौर पर अब बीआरडी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के साथ केवल एक तीमारदार की इंट्री होगी। यह व्यवस्था शुक्रवार से लागू कर दी गई है। इसके अलावा सभी से अपील की गई है कि मास्क पहनकर बीआरडी में आएं। साथ ही कोविड प्रोटोकाल का पालन करें। सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को फिर से कोरोना से बचाव के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सबसे आम लक्षण
बुखार, खांसना, थकान, स्वाद या गंध की हानि, सिरदर्द, गला खराब होना, दस्त, त्वचा पर रैशेज होना, दर्द एवं पीड़ा, लाल या चढ़ी आंखें।
गंभीर लक्षण जिन्हें तत्काल चिकित्सक की आवश्यकता है
सांस लेने में कठिनाई, छाती में दर्द।