गोरखपुर में गगहा थाना क्षेत्र के ग्राम तिहरा खुर्द निवासी फेंकू प्रजापति की बेटी की शादी थाना बेलीपार क्षेत्र के ग्राम मुहेवा में तय थी। कुछ दिन पहले वरीक्षा व तिलक का कार्यक्रम हो गया था। बुधवार रात बरात आनी थी। युवती शादी का जोड़ा पहन कर जयमाल के लिए तैयार थी। शाम से ही परिचितों और रिश्तेदारों से घर के द्वार पर रौनक थी। मंडप सज चुका था। शहनाइयां गूंज रही थीं। युवती के पिता ने बरात के स्वागत की मुकम्मल तैयारियां की थी।
बरात का इंतजार करते करते रात के 10 बज गए। मन में व्याकुलता हुई तो फेकू ने होने वाले समधी के पास फोनकर बरात पहुंचने की स्थिति जाननी चाही। उस तरफ से जो उत्तर मिला उसे सुनकर फेकू के पैरों तले जमीन खिसक गई। पिता अचेत होकर जमीन पर गिर गए। रिश्तेदारों और परिचितों ने फेकू से पूछा तो उन्होंने बताया कि लड़के ने शादी करने से मना कर दिया है। यह सुनकर घर से लेकर द्वार तक सन्नाटा फैल गया। वधु और उसके परिजन रोने चिल्लाने लगे।
इस बात की सूचना गगहा पुलिस को हुई। मौके पर एसएचओ गगहा संजय कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ पहुंचे। स्थितियां जानी। एसएचओ ने तुरंत वर पक्ष से मिलने के लिए बेलीपार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मुहेवा पहुंचे। उन्होंने वर को बहुत मनाने की कोशिश की। लेकिन वर ने कहा कि मैं आत्महत्या कर लूंगा लेकिन शादी नहीं करूंगा। उसने वधू पर असहज बातों को लेकर शंका होने की बात कही। आखिरकार पुलिस लौटकर वधु के घर पहुंची।
एसएचओ ने परिवार का धाधस बनाने की कोशिश की। लेकिन वधू पक्ष इतने सदमे में था कि कोई अनहोनी हो सकती थी। पुलिस ने शादी में आए रिश्तेदारों से बातचीत की। वधू की शादी के लिए प्रयास किया तो समारोह मे सम्मिलित होने आए रिश्तेदार युवक उदय शादी के लिए तैयार हो गया। थोड़ी ही देर मे गांव वालों की मदद से सूना पड़ा शादी का मंडप चकाचौंध हो गया। बृहस्पतिवार भोर दो बजे शादी गीत के साथ धूमधाम से दोनों की शादी रचाई गई। लड़की के चेहरे पर आई मुस्कान से पूरे गांव का चेहरा खिल गया। दूल्हा और दुल्हन को थानाध्यक्ष ने आशीर्वाद दिया और आपसी समझ से गृहस्थ जीवन को चलाने की सलाह दी।