स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के काम में अब और निखार आएगा। कौशल विकास मिशन समूह की महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहले चरण में कैंपियरगंज और पॉली ब्लॉक की 75-75 महिलाओं के स्वयं सहायता समूह को प्रशिक्षण के लिए चुना गया है।
150 महिलाओं को प्रशिक्षित करने के लिए कौशल विकास मिशन की ओर से मास्टर ट्रेनर को लगाया गया है। यह 10 दिन में 60 घंटे का प्रशिक्षण देकर महिलाओं के हुनर को और निखारेंगे। प्रशिक्षण का मकसद समूह में चल रहे काम की गुणवत्ता को पहले से बेहतर बनाना है ताकि अनुभव बढ़ने से स्वरोजगार की संभावना में इजाफा हो।
प्रशिक्षण के बाद प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। प्रमाणपत्र से महिलाएं बैंकों से आसानी से ऋण ले सकेंगी। अब तक प्रमाणपत्र न होने के कारण ऋण मिलने में समस्या आती है। बैंक ऋण की आवश्यकता के साथ प्रमाणपत्र भी मांगते हैं। इससे महिलाएं स्वावलंबी बनेंगी और अपने साथ अपने परिवार की भी आर्थिक मदद कर सकेंगी।
कौशल विकास के जिला समन्वयक सत्यकांत ने बताया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए इस पहल की शुरुआत कौशल विकास मिशन के अंतर्गत की गई है। फिलहाल पाली और कैंपियरगंज की 150 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आगे अन्य ब्लॉक को भी इससे जोड़ा जाएगा।