दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के आचार्य प्रो. कमलेश कुमार गुप्त का सत्याग्रह तीसरे दिन गुरुवार को भी जारी रहा। उन्होंने विश्वविद्यालय के हेलीपैड पर एमए तृतीय सेमेस्टर के छात्रों को पढ़ाया। इसके बाद सवा दो बजे वे प्रशासनिक भवन स्थित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा के समक्ष पहुंचे और सत्याग्रह शुरू किया।
लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (लूटा) तथा लखनऊ विश्वविद्यालय सहयुक्त महाविद्यालय शिक्षक संघ (लुआक्टा) ने भी प्रो. कमलेश के सत्याग्रह का समर्थन किया है। लूटा के अध्यक्ष डॉ. विनीत कुमार वर्मा व महामंत्री डॉ. राजेन्द्र कुमार वर्मा तथा लुआक्टा के अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय व महामंत्री डॉ. अंशु केडिया ने विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि वे प्रो. कमलेश गुप्त पर की गई दमनकारी कार्रवाई का विरोध करते हैं। उन्होंने कुलाधिपति से भी अनुरोध किया है कि प्रो. कमलेश की न्यायोचित मांगों पर कार्रवाई करें। उधर, प्रो. गुप्त के समर्थन में महाविद्यालयों के शिक्षक और कुछ साहित्यकार भी आ गए हैं।
धरने पर प्रो. अजय गुप्ता, प्रो. चंद्रभूषण अंकुर, प्रो. उमेश नाथ त्रिपाठी, प्रो. विमलेश मिश्र, प्रो. अनंत मिश्र, उप्र विश्वविद्यालय आवासीय महासंघ के अध्यक्ष प्रो. चितरंजन मिश्र, प्रो. शिवशरण दास, फुफुक्टा के संयुक्त मंत्री डॉ. श्रीभगवान सिंह, गुआक्टा के अध्यक्ष डॉ. केडी तिवारी, पूर्व अध्यक्ष डॉ. श्रीश मणि त्रिपाठी, गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी, कवि देवेन्द्र आर्य, स्ववित्त पोषित वित्त विहीन महाविद्यालय शिक्षक संघ के प्रवक्ता डॉ. चतुरानन ओझा, अमन यादव, फतेह बहादुर सिंह, चेतना पांडेय, नारायण दत्त पाठक, गौरव वर्मा, शिवशंकर गौड़ आदि मौजूद रहे।