गोरखपुर शहर के तीन प्रमुख चौराहे (देवरिया बाईपास, रूस्तमपुर, ट्रांसपोर्टनगर) पर मंगलवार को अलग ही नजारा था। रोजाना घंटों जाम लगने वाले इन चौराहों पर मंगलवार को गाड़ियां फर्राटे भर रही थीं। वजह साफ था कि इस रास्ते से सीएम योगी आदित्यनाथ को गुजरना था पर सवाल यह उठता है अगर जाम ना लगने की ऐसी व्यवस्था हो सकती है तो फिर उनको चुनने वाली जनता की रोजाना बेकद्री क्यों होती है?
जिम्मेदार ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं करते हैं कि रोजाना ही चौराहों पर जाम ना लगे और लोग उसी तरह आराम से यात्रा कर सके जैसा कि सीएम अपनी जनता के लिए सोचते हैं।
जानकारी के मुताबिक, गीडा, सहजनवां या फिर शहर की ओर से लखनऊ, वाराणसी की ओर जाने वाले लोगों को इन चौराहों से होकर गुजरना ही होता है। यहां पर अतिक्रमण और ट्रैफिक की व्यवस्था दुरुस्त ना होने की वजह से रोजाना 45 मिनट या फिर उससे अधिक समय तक जाम लग ही जाता है।