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जिस रास्ते पर घंटों लगता है जाम, आज फर्राटा भर रही हैं गाड़िया, लोगों ने कहा- ऐसा रोज क्यो नहीं होता?

Wed, 17 Feb 2021 09:07 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर शहर के तीन प्रमुख चौराहे (देवरिया बाईपास, रूस्तमपुर, ट्रांसपोर्टनगर) पर मंगलवार को अलग ही नजारा था। रोजाना घंटों जाम लगने वाले इन चौराहों पर मंगलवार को गाड़ियां फर्राटे भर रही थीं। वजह साफ था कि इस रास्ते से सीएम योगी आदित्यनाथ को गुजरना था पर सवाल यह उठता है अगर जाम ना लगने की ऐसी व्यवस्था हो सकती है तो फिर उनको चुनने वाली जनता की रोजाना बेकद्री क्यों होती है?

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जिम्मेदार ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं करते हैं कि रोजाना ही चौराहों पर जाम ना लगे और लोग उसी तरह आराम से यात्रा कर सके जैसा कि सीएम अपनी जनता के लिए सोचते हैं।
 
जानकारी के मुताबिक, गीडा, सहजनवां या फिर शहर की ओर से लखनऊ, वाराणसी की ओर जाने वाले लोगों को इन चौराहों से होकर गुजरना ही होता है। यहां पर अतिक्रमण और ट्रैफिक की व्यवस्था दुरुस्त ना होने की वजह से रोजाना 45 मिनट या फिर उससे अधिक समय तक जाम लग ही जाता है।

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रोज जाम से जूझते हैं लोग

घंटों जाम से जूझने के बाद लोग कहीं इन रास्तों से गुजर पाते है। रोजाना इस रास्ते का इस्तेमाल करने वाले रोशन, संतोष ट्रांसपोर्टनगर चौराहे पर एक चाय की दुकान पर खड़े होकर यही चर्चा कर रहे थे कि समझ में ही नहीं आ रहा है कि आज उसी रास्ते से गुजर रहे है जहां पर फंसने की वजह से एक कप चाय भी नसीब नहीं हो पाती है।

घंटों फंसने के बाद ही किसी तरह से आगे निकल पाते है। आशुतोष कुमार का अनुभव भी कुछ ऐसा ही था। बताते है कि वह रोजाना गीडा से कूड़ाघाट आते हैं। नौसड़ से ही जाम से सामना शुरू हो जाता है। ट्रांसपोर्ट नगर आने पर कम से कम आधा घंटा फंसना तय है और फिर थोड़ा आगे बढ़ने पर रूस्तमपुर और देवरिया बाईपास के जाम से जूझकर किसी तरह से आगे निकल पाते है।

मंगलवार को नजारा बिल्कुल बदला हुआ था। रोज की तरह सोच कर आधे घंटे पहले ही निकल गया था लेकिन कहीं पर जाम मिला ही नहीं। रोजाना ही ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए।
 
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