एसएसपी ने बताया कि थाने और हर मूर्तिकार के यहां पर दरोगा रैंक के एक-एक पुलिसकर्मी को नोडल बनाया गया है, जो यह जानकारी जुटाएंगे कि कितनी मूर्तियां स्थापित हो रहीं हैं। मूर्तिकार से पुलिस यह फीडबैक लेगी कि उसके यहां से कहां-कहां और कितनी मूर्तियां गई हैं। उस जानकारी को समितियों की ओर से दी गई मूर्तियों की सूचना से मिलान कराकर सूची तैयार कराई जाएगी।
साथ ही मूर्ति जहां स्थापित हो रही है, उस क्षेत्र के एक-एक सिपाही को उसका नोडल बनाया गया है, जो यह सुनिश्चित कराएगा कि मूर्ति किस दिन स्थापित होगी, किस दिन और किस रूट से विसर्जन को जाएगी। माइक और साउंड बजने की क्षमता कोर्ट के निर्देशों के अनुसार है कि नहीं। साथ ही इस बार अग्निशमन यंत्र लगाने और बिजली कनेक्शन के बारे में भी निर्देशित किया गया है। सिपाही इसे भी सुनिश्चित कराएगा।
कोरोना काल में प्रतिमाएं कम स्थापित हुई थीं, लेकिन कोरोना के पहले के आंकड़ों को देखें तो जिले में तीन हजार से अधिक छोटी-बड़ी प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। सभी जगहों पर सुरक्षा हो, इसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने इसे लेकर मातहतों के साथ बैठक कर निर्देश भी दे दिया है।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि दुर्गा पूजा की तैयारी को लेकर दिशा निर्देश जारी किया गया है। पुलिस वाले एक-एक मूर्ति की जानकारी हासिल करेंगे। इसके अलावा हर मूर्ति के लिए एक पुलिसकर्मी को नोडल बनाया जाएगा। डीजे, साउंड हाईकोर्ट के मानक के अनुसार ही बजेंगे। इसके लिए डीजे संचालकों के साथ बैठक भी की जाएगी। नियम तोड़ने वालों पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।