भारतीय हॉकी खिलाड़ी, टोक्यो ओलंपिक 1964
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आज से टोक्यो ओलंपिक 2020 का आगाज हो गया है, ऐसे में हम आपको टोक्यो ओलंपिक 1964 की कहानी बताने जा रहे हैं क्योंकि टोक्यो ओलंपिक 1964 गोरखपुर के लिए बहुत विशेष है। अब तक का यह एकमात्र ऐसा ओलंपिक था, जब स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम में गोरखपुर का खिलाड़ी भी शामिल था। उस खिलाड़ी का नाम ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट अली सई है।
टोक्यो ओलंपिक 1964 में भारत से मात्र हॉकी टीम ने हिस्सा लिया था। उस समय भारतीय हॉकी टीम पर जीत का बहुत दबाव था। ऐसे इसलिए भी था कि इससे पहले रोम ओलंपिक 1960 का फाइनल मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया और यह मैच भारत हार गया था। वहीं 1964 में भी यही दोनों टीमें फाइनल में पहुंची थीं। भारत पाकिस्तान को हराकर पुरानी हार का बदला लेना चाहता था।
अली सईद बताते हैं कि उस समय भारतीय हॉकी टीम के चयन में काफी सावधानी बरती गई थी। खिलाड़ियों को अभ्यास के बहुत मौके दिए गए। कैंप में पहले 80 खिलाड़ियों का चयन किया गया। उनमें से 40 खिलाड़ियों को अलग छांटा गया। अंत में 18 खिलाड़ियों की टीम बनी थी। तब एस्ट्रोटर्फ नहीं था। घास के मैदान पर ही हॉकी खेला जाता था।