नगर निगम में फिर डीजल चोरी का मामला पकड़ा गया है। नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने गुप्त सूचना पर रविवार को मुंशी प्रेमचंद पार्क के करीब नगर निगम के स्टोर के पास छापा मारकर चोरी का डीजल पकड़ा। 150 लीटर से भी ज्यादा डीजल एक जीप में गैलन में रखा गया था। इसमें नगर निगम के सफाई निरीक्षकों के अलावा सुपरवाइजरों की संलिप्तता सामने आ रही है। नगर आयुक्त के निर्देश पर तेल और जीप को जब्त कर लिया गया है। इस संबंध में राजघाट थाने में तहरीर दी गई है।
नगर आयुक्त को सूचना मिली थी कि नगर निगम के स्टोर के पास चोरी का डीजल इकट्ठा कर बेचा जाता है। उन्होंने गोपनीय तरीके से वीडियो बनवाया। वीडियो में कुछ लोग डीजल इकट्ठा करते और बेचते दिखे। इसमें नगर निगम के सफाई निरीक्षक और कुछ कर्मचारी शामिल पाए गए। नगर आयुक्त ने चोरों के नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए खुद ही छापा मारने का निर्णय लिया।
स्टेनो बृजेश तिवारी और चालक के साथ नगर आयुक्त स्टोर के पास पहुंचे। जैसे ही वह जीप की तरफ बढ़े, उसमें बैठा एक युवक भाग निकला। जांच में जीप के अंदर बड़े-बड़े गैलन में डीजल भरा मिला। जिस जगह से जीप जब्त की गई है, उससे थोड़ी दूरी पर नगर निगम के कर्मचारी रुककर निगरानी कर रहे थे। नगर आयुक्त को देखकर सभी भाग निकले।
सफाई निरीक्षक और सुपरवाइजर की मिलीभगत उजागर
नगर आयुक्त की जांच में कुछ सफाई निरीक्षकों, सुपरवाइजरों व कुछ कर्मचारियों के नाम सामने आए हैं। कुछ सफेदपोश भी इनको संरक्षण दे रहे हैं। सफाई निरीक्षक जिस व्यक्ति को पर्ची देते हैं वही डीजल लेता है और उसे बेचता है। इसके बाद सभी का हिस्सा बंटता है। बताया जा रहा है कि कुछ साल पहले जब ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आकांक्षा राणा नगर निगम का काम देख रही थीं, तब भी उस व्यक्ति का नाम डीजल चोरी में सामने आया था। कुछ समय तक वह सफाई कर्मी के रूप में भी काम कर चुका है।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि नगर निगम के स्टोर के पास एक वाहन में ड्रम में डीजल रखा मिला है। वाहन और डीजल जब्त कर लिया गया है। डीजल चोरी में नगर निगम के कुछ सफाई निरीक्षकों, सुपरवाइजरों व कर्मचारियों के नाम सामने आ रहे हैं। इसकी सीडीआर निकलवाई जाएगी। बड़े पैमाने पर नेटवर्क चल रहा है। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।