गोरखपुर क्लाइमेट स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल हो गया है। विभिन्न पांच पैरामीटर के आधार पर शुरू किए गए 'क्लाइमेट स्मार्ट सिटी असेसमेंट फ्रेमवर्क 2.0' (सीएससीएएफ) के तहत इसका पूरा डाटा नगर निगम की ओर से शहरी विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। इस डाटा को योजना के तकनीकी सहयोगी के तौर पर गोरखपुर एनवायरमेंटल एक्शन ग्रुप ने इकट्ठा किया है। वहीं नगर निगम के चीफ इंजीनियर सुरेश चंद को इसका नोडल अधिकारी बनाया गया है।
आवास एवं शहरी विकास कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 11 सितंबर 2020 को जलवायु स्मार्ट शहरों के आकलन प्रारूप सीएससीएएफ-2.0 का शुभारंभ किया था। इसका उद्देश्य शहरों को निवेश समेत अपनी योजनाओं को क्रियान्वित करने के दौरान सामने आने वाली जलवायु चुनौतियों से निपटने के लिए स्पष्ट खाका उपलब्ध कराना है।
इन पांच मानकों के आधार पर तैयार हो रहा है फ्रेमवर्क
गोरखपुर एनवायरमेंटल एक्शन ग्रुप के विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि यह आकलन फ्रेमवर्क विश्व में वर्तमान समय में अपनाए जाने वाले आकलन फ्रेमवर्क के अध्ययन और विभिन्न क्षेत्रों के 26 संस्थानों तथा 60 विशेषज्ञों से विचार विमर्श के बाद तैयार किया गया है। इस फ्रेमवर्क में पांच श्रेणियों में 28 संकेतकों को शामिल किया गया है। जिनमें एनर्जी एंड ग्रीन बिल्डिंग (ऊर्जा एवं हरित निर्माण), अर्बन प्लानिंग एंड ग्रीन कवर बायो डायवर्सिटी (शहरी नियोजन हरित आवरण और जैव विविधता), मोबिलिटी एंड एयर क्वालिटी (आवागमन और जलवायु गुणवत्ता), वाटर मैनेजमेंट (जल प्रबंधन) और वेस्ट मैनेजमेंट (कचरा प्रबंधन) शामिल हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स शहरों के लिए जलवायु केंद्र के प्रारूप के क्रियान्वयन में मंत्रालय का सहयोग कर रहा है।