गोरखपुर एयरपोर्ट से वर्तमान में दिल्ली और मुंबई के लिए तीन-तीन समेत नौ उड़ानें हो रही हैं। हैदराबाद, कोलकाता, प्रयागराज के लिए एक-एक उड़ान होती है। ऐसे में गोरखपुर सिविल एयरपोर्ट छोटा पड़ रहा है। टर्मिनल सिर्फ 50 यात्रियों की ही क्षमता वाला है। एप्रेन भी एक ही है।
फ्लाइट लेट होने पर एयरपोर्ट पर अफरातफरी का माहौल हो जाता है। एक ही समय में दो फ्लाइट आ जाने से पार्किंग में एक विमान खड़ा होता है तो दूसरा रन-वे पर। हालांकि, 350 यात्रियों के नए टर्मिनल के लिए कार्ययोजना स्वीकृत हो गई है। टेंडर की प्रक्रिया आखिरी चरण में है। मगर एयरपोर्ट से सटे एयरफोर्स होने की वजह से शुरू से ही एयरपोर्ट के लिए अलग जगह की जरूरतों पर मंथन होता आया है।