उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के एसएसपी ने दिवाली के मद्देनजर आबादी में पटाखे के गोदामों को लेकर सख्त आदेश जारी किए हैं। एसएसपी ने पुलिस को पटाखों से बीते 10 साल में हुई घटनाओं का रिकॉर्ड खंगालने के साथ ही कार्रवाई के लिए एक विशेष टीम गठित की है।
विशेष टीम में मुख्य अग्निशमन अधिकारी, सीओ और संबंधित इलाके के थानेदार शामिल हैं। यह टीम पिछले दस साल में हुई घटनाओं और उसमें हुई कार्रवाई का अध्ययन करेगी। फिर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने साफ कर दिया है कि पटाखे से कोई घटना हुई तो जिम्मेदारों की खैर नहीं होगी।
जानकारी के मुताबिक, आबादी के बीच पटाखे के गोदाम खोलने पर रोक है, लेकिन जिले में इसका पालन नहीं हो पाता है। इसकी वजह से कई बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसे देखते हुए ही एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने एक विशेष टीम गठित कर दी है।
हर बार आबादी में पकड़े जाते हैं गोदाम
टीम को यह टॉस्क दिया गया है कि वह पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज पिछले दस साल की घटनाओं का अध्ययन करें। किन पर कार्रवाई हुई और कहां पर पटाखे के गोदाम पकड़े गए थे, वर्तमान में उनकी क्या स्थिति है, इस हिसाब से टीम को कार्रवाई करनी होगी। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि पहले से ही कार्रवाई होगी ताकि आबादी वाले इलाके में गोदाम ना बन सके।
पुराने शहर का शायद ही कोई ऐसा हिस्सा होगा जो पटाखों के अवैध कारोबार से अछूता हो। गीडा, राजघाट और पिपराइच इलाके के पतरा में पकड़ा गया पटाखे का जखीरा इसका प्रमाण है। हर साल ही यहां पर कार्रवाई होती है, लेकिन फिर से यह धंधा शुरू हो जाता है।
रात में गोदाम पर बुलाते हैं ग्राहकों को
शहर और देहात क्षेत्र के करीब दर्जन भर धंधेबाज हैं, जो नियम-कानून से परे यह अवैध कारोबार कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, ये धंधेबाज ग्राहकों को रात में अपने गोदाम पर बुलाते हैं, ताकि पुलिस की नजर से बच सकें। यह भी पता चला है कि एक धंधेबाज ने शहर के साहबगंज, इलाहीबाग, शाहपुर, रेती के अलावा कई अन्य इलाकों में गुप्त गोदाम बना रखा है।
पकड़े गए पर अवैध कारोबार पर नहीं लगा अंकुश
शहर के साहबगंज क्षेत्र में पटाखा के अवैध कारोबारी कई बार पकड़े जा चुके हैं। इतना ही नहीं यहां पर पटाखा गोदाम में आग लगने की घटना भी हो चुकी है। बावजूद इसके कारोबारियों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। बताते हैं कि साहबगंज में पटाखा के अवैध कारोबारियों के पुलिस से मधुर रिश्ते हैं।