जानकारी के मुताबिक, माफिया के पूरे नेटवर्क को जुलाई में ही पुलिस ने समझ लिया था। इसके बाद पुलिस अधिकारी ने मेडिकल कॉलेज परिसर में गोपनीय जांच शुरू कर दी थी। पुलिस के हाथ पुख्ता सबूत लगे और फिर 9 जुलाई को पुलिस ने एक एंबुलेंस को पकड़ लिया। अचानक हुई कार्रवाई से एंबुलेंस माफिया मारपीट पर उतारू हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया और फिर छह लोगों को आरोपी बनाया।
जांच आगे बढ़ी तो रोजाना ही एंबुलेंस पकड़े जाने लगे। फिर एक संविदा नर्स भी जेल भेजी गई। पुलिस ने फिर एक केस दर्ज किया और 13 लोगों को आरोपी बनाया। पुलिस दोनों ही मामलों में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
इसे भी पढ़ें: तांत्रिक और उसके दो साथियों ने छात्रा से किया सामूहिक दुष्कर्म,अब वीडियो वायरल करने की दी धमकी
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि एंबुलेंस माफिया पर दर्ज दोनों केस में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। गैंगस्टर के लिए फाइल तैयार की जा रही है।
चिलुआताल इलाके के फतेपुर निवासी रिजवान, रियासुद्दीन, मोहम्मद अकसीम, औरंगजेब, आसिर्फ अली उर्फ गोलू, मनोज निगम, राहुल, रोहन मिश्रा, प्रिंस चन्द्र, निलेश मिश्रा, साहिल सिंह, मोना चौरसिया को मुख्य आरोपी बनाया गया।