मोहद्दीपुर मुख्य अभियंता कार्यालय धरना देते विद्युत मजदूर संगठन के लोग।
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गोरखपुर में विद्युत मजदूर संयुक्त मोर्चा और विद्युत संविदा कर्मचारी महासंघ की तरफ से मंगलवार को मुख्य अभियंता कार्यालय पर सत्याग्राह आंदोलन चलाया गया। सुबह दस बजे से लेकर शाम 5 बजे तक चले आंदेलन में तकनीकी कर्मी, लिपिक और अन्य बिजलीकर्मियों ने कार्य बाहिष्कार कर केंद्रीय नेतृत्व के अपील पर अपनी नाराजगी जताई। मांग की गई कि लाइनमैन को 25 हजार और श्रमिक को 18 हजार रुपये मानदेय दिया जाए।
अध्यक्षता कर रहे कर्मचारी नेता अजय कुमार शाही ने कहा कि 14 जनवरी 2000 के बाद कारपोरेशन की सेवा में आए कर्मचारियों के पुरानी पेंशन व्यवस्था, टीजी टू( तकनीकी कर्मी) को 9 वर्ष बाद अवर अभियंता का पहला टाइम स्केल, कार्यकारी सहायक का प्रथम नियुक्ति ग्रेडपे तीन हजार, नॉन कॉमन कैडर कार्मिकों को उनके गृह जिले में तैनाती के लिए अधिकृत माना जाए।
जिलाध्यक्ष धनंजय राजभर ने बताया कि लाइनमैन को 25 हजार रुपये और श्रमिक को 18 हजार रुपये का मानदेय दिया तय किया जाए। अगर, सेवा काल में अकाल मृत्यु हो गई है तो 10 लाख मुवाजा भी उनके परिजनों को मिले। इसके अलावा नियमित और संविदा कर्मी की सेवा अवधि 55 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष की जाए और एक दिन का साप्ताहिक अवकाश भी दिया जाए।
इन मांगों को लेकर बिजलीकर्मियों ने मुख्य अभियंता कार्यालय पर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रभाकर पांडेय, शंभू शरण श्रीवास्तव, सुरेंद्र सिंह, शाश्वत प्रताप सिंह, फराज, रामनाथ, राम आधार, केदार गौतम, अशोक गौडिया, राजू पांडेय, टुन्नु सहित सैकड़ों विद्युत कर्मचारी एवम संविदा कर्मी मौजूद रहे।