सीएमएस ने एएसपी को सूचना दी। इसके बाद सदर कोतवाल टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। इसके बाद समझा बुझाकर शांत करवाया और फिर शव को मर्चरी में रखवा दिया। वहीं पिता कैलाश ने सदर थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि चिकित्सक ने इलाज के लिए 10 हजार रुपये की मांग की, जब रकम नहीं होने की बात कही तो अंजली को गोरखपुर रेफर कर दिया गया। रेफर का कागज बनाते वक्त उसकी मौत हो गई। मामले की जांच करके कार्रवाई की जाए।
इस संबंध में सीएमएस डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि इमरजेंसी में हंगामे की सूचना मिली थी। एक बालिका की मौत के बाद डॉक्टर और स्टॉफ को मारने के लिए दौड़ा लिया गया। इस कारण पुलिस को बुलवाया गया। बच्ची के शव को मर्चरी में रखवा दिया गया है। अगर परिजन चाहेंगे तो पीएम करा दिया जाएगा।
फिलहाल परिजनों की ओर से कोई शिकायत नहीं आई है। इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की गई है। बालिका को सांप ने डंसा था। आठ इजेंक्शन चिकित्सक लगा चुके थे। इस बाबत कोतवाल सदर केडी सिंह ने बताया कि परिजनों की ओर से तहरीर मिली है। सीएमओ को अवगत कराया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।