गोरखपुर में बिना मानचित्र और मानचित्र की अनदेखी कर निर्माण कराने पर गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की प्रवर्तन टीम ने बृहस्पतिवार को अस्पताल सहित तीन व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स को सील कर दिया। इस दौरान टीम को विरोध का भी सामना करना पड़ा। हालांकि अपर नगर मजिस्ट्रेट और पुलिस की सख्ती के बाद विरोध करने वाले पीछे हट गए।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेमरंजन सिंह के निर्देश पर सहायक अभियंता कुंज विहारी के नेतृत्व में अवर अभियंता सत्यप्रकाश चौधरी, मनीष त्रिपाठी व पद्माकर मिश्रा ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की। टीम ने पहले कालेपुर में डॉ. अश्विनी अग्रवाल द्वारा 370 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में किए गए व्यावसायिक निर्माण को सील किया।
डॉ. अश्विनी ने आवासीय मानचित्र स्वीकृत कराया है और अस्पताल का संचालन कर रहे हैं। निरीक्षण के समय भवन के प्रथम तल पर अस्पताल संचालित होता पाया गया। स्टाफ मौजूद थे और भूतल पर मरीज भी भर्ती किए गए थे। यही वजह रही कि टीम ने इस तल को सील नहीं किया। प्रथम तल पर निर्माण चल रहा था, जिसे जीडीए की टीम ने सील कर दिया। डॉक्टर को जल्द मरीजों को शिफ्ट कराने का निर्देश दिया गया है।
इसके बाद इस तल को भी सील कर दिया जाएगा। यहां से निकलकर टीम ने दाउदपुर में विजय यादव एवं अन्य द्वारा 270 वर्ग मीटर में बनवाए जा रहे व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स के निर्माण को सील किया। जांच में पाया गया कि इस कॉम्प्लेक्स का निर्माण मानचित्र के मुताबिक नहीं कराया जा रहा था।
उधर जीडीए उपाध्यक्ष को दाउदपुर में ही नाले के पास बिना मानचित्र स्वीकृति के व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाने की शिकायत मिली थी। उपाध्यक्ष के निर्देश पर टीम ने 105 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में निर्मित कराए जा रहे इस निर्माण को भी सील कर दिया। जीडीए उपाध्यक्ष का कहना है कि अवैध निर्माण के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
सड़क निर्माण में बाधक बन रही चहारदीवारी गिराई गई
मानबेला में सड़क निर्माण में बाधक बन रही चहारदीवारी को जीडीए टीम ने ध्वस्त कर दिया। बता दें कि जीडीए, राप्तीनगर विस्तार योजना के अंतर्गत 30 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण करा रहा है। प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता मुकेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि मानबेला ग्राम के अराजी संख्या 695 में अर्जित भूमि पर निर्मित चहारदीवारी, सड़क निर्माण में अवरोध बन रही थी।