कोर्ट के आदेश के बाद गोरखपुर कोतवाली पुलिस ने शनिवार को सपा नेता जफर अमीन डक्कू व एक महिला समेत तीन अन्य लोगों के विरुद्ध दुष्कर्म, छेड़खानी, जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही सबकी भूमिका स्पष्ट होगी। दर्ज केस की एक कॉपी कोर्ट को भी भेजी गई है।
जानकारी के मुताबिक, कोतवाली क्षेत्र के इस्माइलपुर की रहने वाली महिला ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उनके ससुर की मौत से पहले ही उनके पति और देवरों के बीच मकान का बंटवारा हो गया था। सभी अलग-अलग रहते हैं। उनके एक देवर की शादी नहीं हुई है। आरोप लगाया कि 14 जनवरी 2020 को पति कहीं गए हुए थे। वह नहाने के बाद अपने कमरे में कपड़े बदल रहीं थीं। इसी दौरान पहले से कमरे में छुपकर बैठे देवर ने उनसे जबरदस्ती की। शोर मचाने पर जानमाल की धमकी दी।
इसी बीच उनके दूसरे देवर और ननद अपने सहयोगी सपा के वरिष्ठ नेता जफर अमीन के साथ पहुंच गए और आरोपी का बचाव करने लगे। महिला का आरोप है कि उन्होंने घटना की सूचना थाने पर दी, लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। लॉकडाउन के चलते उन्होंने रजिस्टर्ड सूचना एसएसपी को भी दी।
मामले में कोर्ट ने कोतवाली पुलिस को आरोपियों के खिलाफ धारा 354, 376, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया था। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर लिया है। इंस्पेक्टर जयदीप ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
वरिष्ठ सपा नेता जफर अमीन डक्कू ने बताया कि महिला के ससुर हमारे साथ राजनीति में थे और अच्छे दोस्त थे। उनकी मौत हो चुकी है। इसके बाद से महिला से कोई लेनादेना नहीं है। पारिवारिक विवाद में मुझे बेवजह फंसाया जा रहा है। इस मामले में पुलिस ने पहले आरोप लगाने वालों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया था। मेरी राजनीतिक छवि को धूमिल करने के लिए फंसाया जा रहा है।