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गोरखपुर: बीपीओ को समझाया गया सोशल पुलिसिंग का फार्मूला, डीआईजी ने दिया मंत्र

Mon, 27 Sep 2021 10:20 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

पुलिस कर्मियों को बनाया गया है बीट पुलिस अधिकारी। डीआईजी, एसएसपी व एसपी सिटी ने संयम, धैर्य, निष्ठा व निष्पक्षता बनाए रखने का मंत्र दिया।
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बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित बीपीओ की प्रशिक्षण कार्यशाला में मौजूद पुलिसकर्मी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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ड्यूटी के दौरान परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, पुलिस कर्मियों को संयम, धैर्य, निष्ठा, निष्पक्षता, सावधानी एवं सतर्कता के साथ कर्तव्य पालन करना चाहिए। बीट पुलिस अधिकारी (बीपीओ) को अपने निर्धारित कार्यों के अलावा सामाजिक कार्यों से भी ऐसी छवि बनानी है जिससे कि आम लोग पुलिस के साथ मित्रवत व्यवहार करें। ये बातें रविवार को डीआईजी गोरखपुर जे. रविन्द्र गौड़ ने बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित बीपीओ की प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहीं। डीआईजी ने कहा कि बीट ड्यूटी के दौरान बीट पुलिस अफसरों को कई बार दुविधाजनक परिस्थितियों का सामना भी करना पड़ सकता है। कभी सभ्य, सुशील व  शिक्षित तो कभी अशिक्षित लोगों से सामना होता है। बच्चे, बूढ़े और महिलाओं के अलावा बदमाश, दुश्चरित्र व्यक्ति और शराबी, नशेड़ी भी मिलते हैं। अलग-अलग चरित्र के व्यक्तियों के संपर्क में आने पर पुलिस अफसर के व्यवहार में विचलन स्वाभाविक है। फिर भी बीट पुलिस अफसर को ड्यूटी के दौरान संयम, धैर्य, निष्ठा, निष्पक्षता, सावधानी एवं सतर्कता के साथ कर्तव्य पालन करना चाहिए।
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अनुशासन में रहकर करें कर्तव्यों का पालन: एसएसपी
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने कहा कि बीट पुलिस अफसरों को अपने कर्तव्यों का पालन अनुशासन में रहकर करना है। प्रत्येक व्यक्ति की स्थिति व पद के अनुरूप सम्मान करें। बीट ड्यूटी के दौरान वृद्धों, महिलाओं, बच्चों व असहाय व्यक्तियों की उचित सहायता करनी चहिए। एसपी सिटी सोनम कुमार ने कहा कि बदमाशों तथा अपराधी प्रवृति के लोगों के साथ सख्ती से पेश आना चाहिए लेकिन उनके मानवाधिकारों का भी ख्याल रखा जाना चाहिए। कर्तव्य पालन करते समय गाली-गलौज या असभ्य भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए, इससे पुलिस की छवि धूमिल हो सकती है। यदि कोई व्यक्ति शिकायत लेकर आता है तो उसकी शिकायत ध्यान से सुनें अगर तुरंत समाधान की आवश्यकता हो तो हस्तक्षेप करें अन्यथा निकटतम पुलिस चौकी या थाने जाने का सलाह दें। इस दौरान सीओ कैंट राहुल भाटी, सीओ कोतवाली विमल कुमार सिंह, सीओ गोरखनाथ रत्नेश सिंह, सीओ कैंपियरगंज अजय कुमार सिंह, सीओ चौरीचौरा जगत राम कनौजिया व बीट पुलिस अफसर मौजूद रहे।
 
पंचायत भवन व स्कूल पर लिखा होगा बीपीओ का नाम
बीट पुलिस अधिकारी को उसके अपने क्षेत्र में निरोधात्मक कार्रवाई करने का अधिकार होगा। नई व्यवस्था के अनुसार सभी बीट आरक्षी/मुख्य आरक्षी अपने बीट क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा मौजूद रहकर वहां के संभ्रांत लोगों से नियमित संपर्क में रहेंगे तथा उनका एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाएंगे। गांव के पंचायत भवन एवं प्राथमिक विद्यालयों पर संबंधित बीट पुलिस अधिकारी का नाम एवं मोबाइल नंबर अंकित कराया जा रहा है। बीट पुलिस अधिकारी अपने क्षेत्र में अपने नाम एवं मोबाइल नंबर का पैम्फलेट बनाकर चस्पा करा रहे हैं।
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