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कार्रवाई: मगध विश्वविद्यालय के कुलपति के ठिकानों से मिली साढ़े सात लाख की विदेशी करेंसी

Fri, 19 Nov 2021 12:41 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, पटना/गोरखपुर।

सार

गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व प्रभारी कुलपति और वर्तमान में मगध विश्वविद्यालय बोधगया के कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए पीआईएल दाखिल हुई थी।
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प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
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बिहार के मगध विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के गोरखपुर और बोधगया समेत अन्य ठिकानों पर गुरुवार की भोर में तीन बजे तक छापे की कार्रवाई चली। 30 करोड़ की वित्तीय अनियमितता की जांच कर रही स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने कुलपति के घर से दो करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति पकड़ी है। इसमें साढ़े सात लाख रुपये की विदेशी करेंसी भी है। विदेशी करेंसी मिलने के बाद कुलपति की विदेश यात्रा की भी जांच की जा रही है।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व प्रभारी कुलपति और वर्तमान में मगध विश्वविद्यालय बोधगया के कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए पीआईएल दाखिल हुई थी। इस मामले में विजिलेंस ने जनवरी में कुलपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, उनके सहयोगी सुबोध कुमार, ओम प्रकाश, जितेंद्र कुमार और लखनऊ की प्राइवेट कंपनी के खिलाफ मामला दायर कर न्यायालय से सर्च वारंट लिया था। बुधवार को कुलपति के गोरखपुर स्थित आवास व बोधगया समेत अन्य ठिकानों पर छापा मारा गया। इस दौरान कई ऐसे अभिलेख मिले हैं, जिससे कुलपति की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।

विशेष निगरानी पुलिस के अपर पुलिस महानिदेशक नैयर हसनैन खान ने बताया कि कुलपति पर फेमा की धारा के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। बीते तीन वर्षों में डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा 30 करोड़ की अवैध निकासी का मामला सामने आया है। 20 करोड़ के घोटाले का प्राथमिकी पहले से ही दर्ज है। छापे के दौरान जब्त किए गए कागजात की जांच की जा रही है।
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पाउंड, डॉलर व रियाल भी मिला

कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद के आवास पर हुई कार्रवाई के दौरान 95 लाख रुपये नकद, 15 लाख से अधिक के आभूषण और साढ़े सात लाख रुपये मूल्य की विदेशी करेंसी बरामद हुई। बरामद करेंसी में ब्रिटिश पाउंड, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और सऊदी अरब का रियाल शामिल है। विदेशी करेंसी मिलने के बाद मगध विश्वविद्यालय के कुलपति की विदेश यात्रा का रिकॉर्ड भी खंगाला जाएगा। करेंसी उनके पास कहां से आई, इसका सही जवाब वीसी नहीं दे पा रहे हैं।
 
नियुक्ति समेत वित्तीय अनियमितता के कई आरोप
कुलपति के खिलाफ आरोप लगाने वाले मगध विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संयोजक सूरज सिंह ने बताया कि वे इस प्रकरण को लेकर लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे हैं। जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो इस प्रकरण को लेकर पीआईएल दाखिल की गई। सूरज सिंह के अनुसार कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद पर 16 करोड़ रुपये कॉपी-किताब व ऑनलाइन लाइब्रेरी के लिए सामान की खरीदारी में गड़बड़ी का आरोप है। इसके अलावा सुरक्षा गार्डों की भी नियुक्ति मामले में अनियमितता बरती गई है। एक गाड़ी भी अनियमित तरीके से खरीदी गई थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि अभी कुलपति के बैंक खातों की भी जांच होगी।
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