खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से लिए गए नमूनों की तीन तरह से जांच रिपोर्ट बनती है। अद्योमानक और मिथ्याछाप के मामलों में एडीएम सिटी के न्यायालय में मुकदमा दर्ज होता है। इसमें केवल जुर्माने का प्रावधान है। मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाए जाने वाले नमूनों के मामलों में सिविल न्यायालय में मुकदमा दर्ज होता है। इसमें जुर्माने के साथ आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
खाद्य सुरक्षा विभाग/ एडीएम सिटी न्याय निर्णायक अधिकारी विनीत सिंह ने कहा कि पिपराइच के मैरिज हाल से लिए गए खाद्य नमूनों में रसमलाई का नमूना मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाया गया है। उसमें अत्यधिक मात्रा में मीठा सोडा मिला मिलाया गया था, जिससे लोगों की तबीयत खराब हुई थी। मिठाई कुशीनगर से मंगाई गई थी, लिहाजा आगे की कार्रवाई, वहां का विभाग करेगा। मामला हैंडओवर किया जा रहा है।
ज्यादा मीठा सोडा से पड़ सकता है हार्ट अटैक
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ राजेश कुमार ने कहा कि मीठा सोडा यानी बेकिंग सोडा में मौजूद सोडियम हार्ट पर अटैक कर सकता है। इसका ज्यादा इस्तेमाल हार्ट के लिए हानिकारक होता है। बेकिंग सोडा एसिड के साथ मिक्स होता है, जिससे रासायनिक प्रक्रिया होती है। अधिक मात्रा में इस्तेमाल करने से पेट में भयंकर गैस बनती है। बेकिंग सोडा से एलर्जी की भी समस्या होती है। बेकिंग सोडा या सोडियम बाईकार्बोनेट युक्त कोई भी चीज बच्चों को नहीं देनी चाहिए। ज्यादा सेवन से बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। अमूमन गर्मी के मौसम में दूध से बनी मिठाई खराब न हो इसलिए मिलावटखोर उसमें मीठा सोडा मिलाते हैं।