गोरखपुर एयरपोर्ट से अब शाम ढलने के बाद भी उड़ानें हो सकती है। यहां से रात नौ बजे तक उड़ानों को मंजूरी मिली है। वर्तमान में शाम छह बजे तक आखिरी उड़ान होती है। समय सीमा बढ़ने से अब और भी शहरों के लिए उड़ान शुरू करने का रास्ता आसान हो गया है।
सदर सांसद रवि किशन ने बताया कि रात को भी उड़ान की सुविधा बढ़ाने और नए टर्मिनल बिल्डिंग के जल्द निर्माण आदि को लेकर उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखा था। 19 जुलाई को रक्षा मंत्री की तरफ से भेजे गए पत्र में यह जानकारी दी गई है कि रात्रि नौ बजे तक नागरिक विमानों के संचालन पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
सांसद ने बताया कि इसी तरह रक्षा मंत्री ने यह भी जानकारी दी है कि सिविल टर्मिनल के तीसरे चरण का विस्तार कार्य भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण गोरखपुर/नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है। इसके लिए भारतीय वायु सेना ने पहले ही भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को जमीन सौंप दी है। रक्षा मंत्री ने यह भी आश्वस्त किया है कि जरूरत पड़ने पर एप्रन का भी विस्तार किया जाएगा।
वर्तमान एप्रन में दो विमान खड़े हो सकते हैं। इनमें एक बोइंग और दूसरा एटीआर वर्ग का विमान शामिल है। गोरखपुर एयरपोर्ट से अभी 13 उड़ाने हो रही हैं। इनमें दिल्ली के लिए पांच उड़ान शामिल है। इसके अलावा यहां से मुंबई, कोलकाता, लखनऊ, प्रयागराज, हैदराबाद और बंगलूरू के लिए भी उड़ान हो रही है। जल्द ही आगरा के लिए भी उड़ान शुरू होने की उम्मीद है। इसके अलावा चेन्नई के लिए भी उड़ान शुरू करने की तैयारी है।
गोरखपुर एयरपोर्ट के निदेशक प्रभाकर वाजपेयी ने बताया कि गोरखपुर एयरपोर्ट पर नई उड़ानों समेत यात्री सुविधाओं के लिए निरंतर प्रयास कर रहे सदर सांसद रवि किशन के प्रति एयरपोर्ट प्रशासन आभारी है। उनके प्रयासों से गोरखपुर एयरपोर्ट पर लगातार यात्री सुविधाओं का विस्तार हो रहा है।