गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के वार्ड नंबर 14 में मंगलवार को तीमारदार और जूनियर डॉक्टर के बीच मारपीट हो गई। तीमारदारों का आरोप है कि मरीज के इलाज में लापरवाही की जा रही थी। सही से इलाज करने को कहने पर जूनियर डॉक्टरों ने मारा पीटा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों को समझाया। इस मामले में कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है।
जानकारी के मुताबिक बिहार के सिवान जिले के बलहू निवासी शैलेश सिंह की बेटी अनीता सिंह (21) की तबीयत सोमवार को खराब हो गई। परिजन इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जहां पर उन्हें इलाज के लिए मेडिसिन के आईसीयू में भर्ती किया गया।
इस बीच मंगलवार की दोपहर तबीयत बिगड़ी तो परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाना शुरू कर दिया। इस पर जूनियर डॉक्टर ने सही से इलाज करने की बात कही तो विवाद शुरू हो गया।
परिजनों और डॉक्टरों के बीच कहा-सुनी होने लगी। स्थिति मारपीट तक पहुंच गई। मरीज के भाई अतुल सिंह का आरोप है कि जूनियर डॉक्टरों ने मारा पीटा। इसकी वजह से कमर, दाईं आंख के नीचे चोट लग गई, जबकि जूनियर डॉक्टर का कहना है कि उनके सीने में चोट लगी है। सूचना पर तत्काल मौके पर पुलिस पहुंची और तीमारदारों को लेकर चौकी पर चली गई। चौकी पर पहुंचते ही भाई अतुल को सूचना मिली की अनीता की मौत हो गई है। इसके बाद अतुल तत्काल वार्ड में चले गए।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि मरीज की हालत गंभीर थी। इलाज चल रहा था। उसे बचाने की पूरी कोशिश की गई। परिजनों को इलाज को लेकर धैर्य रखना चाहिए था, लेकिन वह लगातार डॉक्टरों पर दबाव बना रहे थे। जबकि, जूनियर डॉक्टर मरीज के इलाज में पूरी तन्मयता से लगे थे। कोई भी डॉक्टर मरीज के इलाज में लापरवाही नहीं करता है। गंभीर स्थिति में मरीज की मौत हुई है।