शिवा ट्रायलजी और रामचंद्र सीरीज जैसी बेस्टसेलर बुक्स के लेखक अमीश त्रिपाठी के शिवा ट्रिलॉजी की पहली किताब इमोरटल्स ऑफ़ मेलुहा भी पढ़ाई जा रही है। गुलजार का प्रसिद्ध गीत मेरा कुछ सामान तुम्हारे पास पड़ा है का अनुवाद विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। जेके रोलिंग का हैरी पॉटर विद्यार्थियों को जादुई दुनिया में ले जाता है। इसे खूब पसंद किया जा रहा है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय में अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अजय शुक्ला ने कहा कि अपनी सहजता, सरलता और सुबोधता की वजह से लोकप्रिय साहित्य व्यापक जन समुदाय के बीच पहुंचता है, उसका जुड़ाव आमजन से होता है। कलात्मक साहित्य को गंभीर माना जाता है।
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ऐसे पाठ्यक्रमों से विद्यार्थी अपने आपको सीधे कनेक्ट करते हैं। अंग्रेजी विभाग के एमए द्वितीय सेमेस्टर के लिए एक इलेक्टिव पेपर रखा गया है, जिसमें पॉपुलर लिटरेचर की विभिन्न विधाओं जैसे उपन्यास, जासूसी एवं जादुई कृतियां, गीत, कविता को शामिल किया गया है।
वेद प्रकाश शर्मा का चर्चित उपन्यास वर्दी वाला गुंडा, जासूसी साहित्य के जनक इब्ने सफी की रचनाएं, रोमांच भरने वाले गुलशन नंदा के उपन्यास नीलकंठ और हरिवंश राय बच्चन की मधुशाला के बारे में अब गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के विद्यार्थी पढ़ाई करेंगे।
एमए हिंदी के चौथे सेमेस्टर में लोकप्रिय साहित्य के नाम से नया पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। हिंदी विभाग का दावा है कि नई शिक्षा नीति के तहत हिंदी के पाठ्यक्रम को रोचक बनाया गया है। पहली यूनिट में लोकप्रिय साहित्य वैकल्पिक विषय के तौर पर आगामी शैक्षणिक सत्र से पढ़ाया जाएगा। पांच क्रेडिट और सौ अंक वाले लोकप्रिय साहित्य विषय में इब्ने सफी की जासूसी दुनिया, गुलशन नंदा के 'नीलकंठ', वेदप्रकाश शर्मा के 'वर्दी वाला गुंडा', 'राधेश्याम रामायण ( रामलीला मंचन के लिए रची गई रामायण) और हरिवंश राय बच्चन की 'मधुशाला' को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. दीपक प्रकाश त्यागी ने कहा कि ऐसे साहित्य, जिसके बड़े पाठक वर्ग बने हैं और जिनकी बाजार में मांग ज्यादा है, उन्हें लोकप्रिय साहित्य के रूप में विश्वविद्यालय के एमए के पाठ्यक्रम में जगह दी गई है। साहित्य के विद्यार्थियों की रचनात्मकता को नया आयाम देने की कोशिश की गई है।