बैठक शुरू होने से पहले मेयर ने जानकारी दी कि पूर्व पार्षद अजय अग्रवाल का निधन हो गया है। ऐसे में परंपरा के अनुसार, पूर्व पार्षद की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद पार्षदों ने अपनी बात रखनी शुरू की। पार्षदों ने जीआईएस सर्वे का विरोध किया। पार्षदों ने कहा कि निजी कंपनी की तरफ से गलत तरीके से सर्वे किया जा रहा है।
इस पर नगर आयुक्त ने स्वीकार किया कि हो सकता है कि कहीं नागरिकों के पास जीआईएस सर्वे के आधार पर गलत नोटिस पहुंच गया हो। हालांकि उन्होंने कहा कि जीआईएस सर्वे की वजह से वर्तमान में संपत्ति कर का असल रिकाॅर्ड निगम को मिला है।
इसे भी पढ़ें: श्रीप्रकाश शुक्ला को देख माफिया बना था विनोद, पूर्वांचल पर करना चाहता था राज
नगर आयुक्त ने बताया कि कुल 1.52 हजार आवास अभी नगर निगम के रिकाॅर्ड में हैं। इनमें 60 हजार लोग स्व कर वाले हैं, जो टैक्स जमा करते हैं। इसमें 90 हजार से अधिक डिफाल्टर हैं, जिनकी सूची भी बनी है। लेकिन जीआईएस सर्वे में 1.17 लाख नए आवास भी सामने आए हैं, जो कभी टैक्स दिए ही नहीं। ऐसे में अगर जीआईएस कहीं गलत रिपोर्ट दी है तो इसके संशोधन का समय है। जो नए बकाएदार जुड़े हैं, उनसे भी तो कर जमा करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि नगर निगम की तरफ से फुटकर व्यापारियों को जल्द ही वेंडिंग जोन उपलब्ध करवाएगा। सरकारी भूमि को चिह्नित कर वहां वेंडिंग जोन बनाया जाएगा।