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Gorakhpur News: भू-माफिया कमलेश पर आफत जारी, अब बाराबंकी के होटल की बारी

Fri, 05 Jan 2024 01:53 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

कमलेश यादव और उसके साथी दीनानाथ की संपत्ति को गैंगस्टर एक्ट तहत प्रशासन की मदद से पुलिस ने भले ही जब्त कर लिया है, लेकिन लिखा-पढ़ी में भू-माफिया घोषित करने की फाइल आज भी विचाराधीन है। इस मामले में पुलिस ने चौरीचौरा के एक सब रजिस्टार को जेल भिजवाया।
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भू-माफिया कमलेश यादव। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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भू-माफिया कमलेश यादव के बाराबंकी में निर्माणाधीन होटल को सीज करने की कार्रवाई जल्द होगी। गोरखपुर पुलिस की ओर से बाराबंकी प्रशासन को इस संबंध में पत्र भेजा गया है। खबर है कि इसके लिए गोरखपुर से पुलिस को भी भेजा जा रहा है, ताकि कार्रवाई की तारीख तय हो और जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।

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जानकारी के मुताबिक, भू-माफिया कमलेश यादव और उसके साथी दीनानाथ पर 36 से अधिक केस गोरखपुर में दर्ज किए गए हैं। पुलिस की रिपोर्ट पर दोनों पर गैंगस्टर की कार्रवाई भी की गई। फिर इसी के तहत दोनों के 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को जब्त भी कर लिया गया।

कमलेश की सीलिंग की जमीन पर अवैध कमाई से बने कॉलेज को भी सीज किया जा चुका है। इसके अलावा दोनों के मोहद्दीपुर के मकान, जमीन पर भी कार्रवाई हो चुकी है। सीलिंग की जमीन पर बिना नक्शा के बने दीनानाथ यादव के मैरिज हाउस पर भी पुलिस की रिपोर्ट पर जीडीए की ओर से बुलडोजर चला दिया गया था।
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इसी दौरान पुलिस को कमलेश यादव के बाराबंकी में निर्माणाधीन होटल के बारे में जानकारी हुई थी। अब इस पर भी कार्रवाई के लिए गोरखपुर पुलिस की ओर से डीएम की मदद से पत्र भेजा गया है। बताया जा रहा है कि जल्द ही इसे भी जब्त कर लिया जाएगा। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि बाराबंकी में भू-माफिया की संपत्ति पर कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है। जल्द ही उस पर भी कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट के तहत हो जाएगी।

प्रशासन में अब भी अटकी है भू-माफिया घोषित करने की फाइल
कमलेश यादव और उसके साथी दीनानाथ की संपत्ति को गैंगस्टर एक्ट तहत प्रशासन की मदद से पुलिस ने भले ही जब्त कर लिया है, लेकिन लिखा-पढ़ी में भू-माफिया घोषित करने की फाइल आज भी विचाराधीन है। इस मामले में पुलिस ने चौरीचौरा के एक सब रजिस्टार को जेल भिजवाया। इसके बाद ही डीएम ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक कमेटी भी गठित कर दी, लेकिन रिपोर्ट आज भी सामने नहीं आ सकी। जांच की वजह से 34 मुकदमे आज भी विचाराधीन हैं। उसकी विवेचना पूरी नहीं हो पा रही है।
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