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Gorakhpur News: गोलघर गलियारे से हटाने ही पड़ेंगे कब्जे, नहीं हटाया तो दुकान का आवंटन होगा निरस्त

Fri, 05 Jan 2024 02:03 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।

सार

बैठक शुरू होने से पहले मेयर ने जानकारी दी कि पूर्व पार्षद अजय अग्रवाल का निधन हो गया है। ऐसे में परंपरा के अनुसार, पूर्व पार्षद की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद पार्षदों ने अपनी बात रखनी शुरू की। पार्षदों ने जीआईएस सर्वे का विरोध किया।
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नगर निगम बोर्ड की बैठक प्रोसीडिंग फाड़कर महिलाओं के ऊपर फेंकने का विरोध करती पार्षद पूनम सिंह। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोलघर गलियारे समेत शहर के सभी प्रमुख बाजारों में दुकानों के सामने अवैध कब्जे हटेंगे। गोलघर में सपा सरकार के दौरान हुए गलियारे का आवंटन भी निरस्त होगा। चेतावनी के बाद भी अगर कब्जा मिला तो दुकानों का आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। नगर निगम बोर्ड की बैठक में पेश के किए गए इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मुहर लग गई है।

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बृहस्पतिवार को नगर निगम सदन की पांचवीं बैठक बुलाई गई थी। नगर निगम की ओर से गोलघर समेत सभी प्रमुख बाजारों में गलियारे पर कब्जा और दुकानों के आवंटन से संबंधित प्रस्ताव पेश किया गया। सपा पार्षद जियाउल इस्लाम ने इस पर आपत्ति जताई, लेकिन अन्य सभी पार्षदों ने अपनी सहमति दी। इसके बाद प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया। तय हुआ कि अब गोलघर में नगर निगम की आवंटित दुकानों के गलियारे में अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। जिन दुकानों के सामने कब्जा नहीं हटा तो आवंटन पहले निरस्त होगा, फिर उस कब्जे को हटाया जाएगा।

गोलघर के साथ नगर निगम ने इस व्यवस्था को शहर के उन सभी बाजारों में लागू करने का फैसला किया, जहां नगर निगम की ओर से आवंटित दुकानों के गलियारे पर कब्जा कर लिया गया है, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है।
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बैठक शुरू होने से पहले मेयर ने जानकारी दी कि पूर्व पार्षद अजय अग्रवाल का निधन हो गया है। ऐसे में परंपरा के अनुसार, पूर्व पार्षद की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद पार्षदों ने अपनी बात रखनी शुरू की। पार्षदों ने जीआईएस सर्वे का विरोध किया। पार्षदों ने कहा कि निजी कंपनी की तरफ से गलत तरीके से सर्वे किया जा रहा है।
इस पर नगर आयुक्त ने स्वीकार किया कि हो सकता है कि कहीं नागरिकों के पास जीआईएस सर्वे के आधार पर गलत नोटिस पहुंच गया हो। हालांकि उन्होंने कहा कि जीआईएस सर्वे की वजह से वर्तमान में संपत्ति कर का असल रिकाॅर्ड निगम को मिला है।

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नगर आयुक्त ने बताया कि कुल 1.52 हजार आवास अभी नगर निगम के रिकाॅर्ड में हैं। इनमें 60 हजार लोग स्व कर वाले हैं, जो टैक्स जमा करते हैं। इसमें 90 हजार से अधिक डिफाल्टर हैं, जिनकी सूची भी बनी है। लेकिन जीआईएस सर्वे में 1.17 लाख नए आवास भी सामने आए हैं, जो कभी टैक्स दिए ही नहीं। ऐसे में अगर जीआईएस कहीं गलत रिपोर्ट दी है तो इसके संशोधन का समय है। जो नए बकाएदार जुड़े हैं, उनसे भी तो कर जमा करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि नगर निगम की तरफ से फुटकर व्यापारियों को जल्द ही वेंडिंग जोन उपलब्ध करवाएगा। सरकारी भूमि को चिह्नित कर वहां वेंडिंग जोन बनाया जाएगा।
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सफाई मित्र कल्याण कोष का गठन
नगर निगम की तरफ से कंप्यूटर मद में आठ लाख रुपये की सहमति दी गई। इसके अलावा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कर्मचारियों के लिए सफाई मित्र कल्याण कोष का गठन किया गया है। सभी अपने एक दिन का वेतन इस कोष में जमा करेंगे, ताकि किसी घटना-दुर्घटना में दिवंगत हुए सफाईकर्मी को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद तुरंत दी जा सके। नगर निगम की ओटीएस योजना को 31 जनवरी तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

दस नए वार्डों में बेहतर होंगी साफ-सफाई व्यवस्था
नगर निगम के 10 नए वार्डों में सफाई व्यवस्था के लिए 13 सामग्रियों जैसे- बड़ी फागिंग मशीन, छोटी फागिंग मशीन, हैंड स्प्रे मशीन, झाडू की आपूर्ति, 16 गेज लोहे की चादर, चूना पाउडर की आपूर्ति, मैलाथियान डस्ट, ब्लीचिंग पाउडर, बेल्चा, कुदाल, खपाची, मैलाथीयान लिक्विड, टेमीफाॅश लिक्विड की स्वीकृति मिली है।

 
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