गोरखपुर नगर निगम कार्यकारिणी में नए उपसभापति का चुनाव आज होगा। जहां सपा ने शकुन मिश्रा को अपना प्रत्याशी बनाया है, वहीं भाजपा ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। वजह यह है कि बहुमत वाली भाजपा में दावेदार को लेकर सहमति नहीं बन सकी है। मेयर का कहना है कि कार्यकारिणी बैठक में ही सदस्य नए उपसभापति का चुनाव सर्वसम्मति से कर लेंगे।
कार्यकारिणी में वोटों के गणित से भाजपा का उपसभापति बनना तय माना जा रहा है। कार्यकारिणी में 12 सदस्य होते हैं। बराबरी की स्थिति में मेयर का वोट निर्णायक होता है। कार्यकारिणी में भारतीय जनता पार्टी के छह सदस्य, समाजवादी पार्टी के चार सदस्य और निर्दलीय दो सदस्य हैं। महापौर का दावा है कि दोनों निर्दल सदस्यों का भाजपा को समर्थन है। इस लिहाज से भारतीय जनता पार्टी का उपसभापति बनना तय है।
भाजपा के तीन पार्षदों के बीच चल रही है मशक्कत
कार्यकारिणी में दोबारा एंट्री मारने वाले ऋषि मोहन वर्मा को उपसभापति का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। हालांकि पूर्व उपसभापति मनु जायसवाल ने भी संगठन में अपनी मजबूत दावेदारी रखी है। मनु की दलील है कि अभी तक सभी उपसभापति का कार्यकाल एक वर्ष का ही रहा है।
ऐसे में यदि उन्हें इस बार मौका मिलना चाहिए। कार्यकाल के अंतिम वर्ष में ऋषि मोहन दावेदार हो सकते हैं। उधर, ऋषि मोहन वर्मा अपने अनुभवों के आधार पर और कई वर्षों से मौका नहीं मिलने की बात कर दावेदारी प्रस्तुत कर रहे हैं। संगठन की तरफ से ऋषि मोहन वर्मा के नाम को तय माना जा रहा है। आलोक सिंह विशेन को भी इस दौड़ में शामिल माना जा रहा है।
मेयर सीताराम जायसवाल ने कहा कि आज नये उपसभापति का चुनाव होगा। भाजपा का उपसभापति बनना तय है। उपसभापति का चुनाव सदस्यों को करना है। ऐसे में चुनाव बैठक में होगा। सपा के चार वोट को छोड़कर सभी शेष आठ सदस्यों का भाजपा को समर्थन है। भाजपा की ओर से उपसभापति के तीन नामों पर विचार चल रहा है। इनमें ऋषि मोहन वर्मा, मनु जायसवाल और आलोक सिंह विशेन शामिल हैं।