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NHAI के रोड लेवलर ने कुचला: सामने ही तड़प रहे थे केशवधर... अस्पताल ले जाने से पहले ही चली गई जान

Sun, 26 Nov 2023 12:47 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

बेलीपार के बरईपार में सर्विस लेन पर केशवधर की मौत से आसपास के लोग भी सहम गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चालक ने अचानक ही रोड लेवलर मशीन को पीछे कर दिया, जिस वजह से केशवधर को बचने का मौका ही नहीं मिला। सब लोग दौड़े भी, जान बचाने के लिए अस्पताल ले जाने के लिए गाड़ी बुला ही रहे थे कि उनकी मौत हो गई।
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सड़क हादसे में बुजुर्ग की गई जान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोरखपुर के बेलीपार थाना इलाके के बरईपार मोड़ के सामने सर्विस रोड पर सड़क पार करते समय एनएचएआई के रोड लेवलर से कुचलकर बुजुर्ग की मौत हो गई। घटना के बाद चालक ने लेवलर लेकर मौके से भागने की कोशिश की लेकिन ग्रामीणों ने दो किलोमीटर तक पीछा कर उसे पकड़ लिया और पुलिस को सुपुर्द कर दिया। सूचना पर पहुंची बेलीपार पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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जानकारी के मुताबिक, बेलीपार थाना क्षेत्र के बरईपार निवासी 75 वर्षीय केशवधर दुबे शनिवार दोपहर में बगल के गांव चंदौली जाने के लिए रोड पार कर रहे थे। उसी दौरान गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन से लगे डंवरपार बाजार के सर्विस रोड पर कार्य कर रहे रोड लेवलर के ड्राइवर ने लापरवाहीपूर्वक तेज गति से गाड़ी बैक कर दिया। इससे बुजुर्ग लेवलर के नीचे आ गए और उनकी मौत हो गई।

घटना की सूचना पर पहुंची बेलीपार पुलिस ने गाड़ी को कब्जे में ले लिया है। हालांकि हादसे के बाद चालक, लेवलर को लेकर भागने लगा। इस दौरान ग्रामीण एकत्र हो गए थे और वे भाग रहे चालक का पीछा करने लगे। करीब दो किलोमीटर के बाद चालक को लेवलर के साथ पकड़ लिया। केशवधर दुबे के तीन पुत्र हैं।
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सामने ही तड़प रहे थे केशवधर, अस्पताल ले जाने से पहले ही चली गई जान
बेलीपार के बरईपार में सर्विस लेन पर केशवधर की मौत से आसपास के लोग भी सहम गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चालक ने अचानक ही रोड लेवलर मशीन को पीछे कर दिया, जिस वजह से केशवधर को बचने का मौका ही नहीं मिला। सब लोग दौड़े भी, जान बचाने के लिए अस्पताल ले जाने के लिए गाड़ी बुला ही रहे थे कि उनकी मौत हो गई। केशवधर की मौत की खबर सुनकर गांव में रहने वाला बेटा भी आ गया।

केशवधर के दो और बेटे हैं, लेकिन वह परिवार लेकर शहर के बाहर रहते हैं। गांव पर रहने वाले बेटे से केशवधर के रिश्ते ठीक नहीं थे। इस वजह से वह गांव में ही अलग मकान में रहते थे। मजदूरी करने के अलावा अपने बाहर रहने वाले बेटों के घर भी चले जाते थे।

 

गांव के लोगों ने बताया कि वह किसी की भी मदद के लिए आगे आ जाते थे। कभी कुछ नहीं कहते थे। अक्सर सड़क पर इधर-उधर एक दूसरे से मिलते ही रहते थे। शनिवार को भी एक दुकान पर बैठकर चाय पीने के बाद पैदल ही घर के ओर जा रहे थे कि हादसा हो गया। लोगों का कहना है कि पूरी तरह से चालक की लापरवाही है जिससे जान गई है।

पूरी तरह से चालक की लापरवाही
हादसा होते हम लोगों ने देखा और बचाने के लिए आगे गए। अस्पताल ले जाने की तैयारी में थे कि इसके पहले ही जान चली गई। पूरी तरह से चालक की लापरवाही है। उसने पीछे की ओर तेजी से गाड़ी को बैक किया, जिस वजह से हादसा हो गया।
- बीडी दूबे, बरईपार

 
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चालक को दौड़ाकर पकड़ा गया
हादसे के बाद मदद करने की जगह चालक गाड़ी लेकर भागने लगा। इससे नाराज ग्रामीणों ने उसे दौड़ा लिया, जिस तरह से वह गाड़ी चला रहा था, उसे दूसरा हादसा भी हो सकता था, लेकिन उसे पकड़ कर पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया।
- गौतम पांडेय, भस्मा
 
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